संसद में हंगामा कोई नई बात नहीं है। भारत में तो पिछले कई सत्रों से संसद हंगामें की भेंट चढ़ती रही है। नतीजा ये रहा की हमारे नेता संसद के बाहर से लेकर अंदर तक अपनी कई मांगों के साथ प्रदर्शन भी करते रहे हैं। कभी तख्ती लेकर तो कभी बैनर के साथ। लेकिन दुनिया में कुछ संसद ऐसी हैं जहां सिर्फ हंगामा नहीं होता है बल्कि टीयर गैस के गोले तक दाग दिये जाते हैं। कोसोवो की संसद में बुधवार को कुछ ऐसी ही घटना घटी, जहां एकाएक हॉल के अंदर धुएं के गुबार उठने लगे। और कुछ ही देर में पूरा संसद भवन धुआं-धुआं हो गया।
मामला कोसोवो की संसद का है। दरअसल यहां की संसद में मोंटेनेगरो के साथ सीमा समझौते के मुद्दे पर वोटिंग होनी थी, तभी विपक्षी सांसदों ने सीट के नीचे से आंसू गैस के गोले निकालकर दूसरी ओर फेंकना शुरू कर दिया। गोले छूटते ही पूरा हॉल धुएं से भर उठा। संसद में अफरा-तफरी मच गई और सांसद मुंह ढककर भागते नजर आए। सांसद सदन से भागने लगे तो कार्यवाही रोकनी ही पड़ी।
कोसोवो में अमेरिकी राजदूत ग्रेग डेल्वी ने इस पूरे मामले पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि राजनीति के टूल के रूप में हिंसा की कोसोवो में कोई जगह नहीं है।
विपक्ष का आरोप है कि मोंटेनेगरो के साथ हुए सीमा समझौते में कोसोवो को 8200 हेक्टेयर जमीन का नुकसान हो रहा है, इसी वजह से विपक्ष सदन में इस मुद्दे पर वोटिंग नहीं होने दे रहा। हालांकि सरकार समझौते के फैसले के साथ है। कोसोवो और मोंटेनेगरो के बीच 2015 में यूरोपियन यूनियन की शर्तों के तहत समझौता हुआ था।
कोसोवो की संसद में मारपीट, उठापटक कोई नई बात नहीं है। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले भी यहां की संसद में मिर्च पाउडर फेंका गया था। देश के आंतरिक मुद्दों के लेकर पहले भी विपक्षी दल संसद के भीतर उग्र विरोध जता चुके हैं।