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आखिर ब्रिटेन को क्यों नहीं भाया 4जी?

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ब्रिटेन में दूरसंचार नियामक ऑफकॉम को 4जी मोबाइल स्पेक्ट्रम की नीलामी में उम्मीद से कम पैसे मिले हैं। नीलामी से 3.5 अरब पाउंड की आमदनी होने की उम्मीद थी लेकिन सरकार केवल 2.34 अरब पाउंड ही जुटा पाई।
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जब 2000 में थ्री जी का आवंटन हुआ था तो ब्रिटेन में 22 अरब पाउंड की आमदनी हुई थी। ऑफकॉम के मुख्य कार्यकारी एड रिचर्ड्स ने बीबीसी को बताया कि 4जी स्पेक्ट्रम से कम पैसा इस मिला क्योंकि ब्रिटेन मुश्किल हालात से गुज़र रहा है।

4जी मोबाइल ब्रॉडबैंड से स्मार्टफोन और टैबलेट कंप्यूटर इस्तेमाल करने वालों को बेहद तेज डाउनलोड स्पीड मिल सकेगी।

क्या है 4जी
4जी आने से 100 एमबीपीएस तक की स्पीड लोगों को मिल सकेगी यानी थ्री जी नेटवर्क से पांच से 10 गुना ज्यादा रफ्तार। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन या टैबलेट कंप्यूटर पर बिना किसी तकनीकी दिक्कत के टीवी, वीडियो और फिल्में देख सकेंगे। कम स्पीड की वजह से वीडियो बीच में अटकेगा नहीं।
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4जी आने से लोग एचडी वीडियो कॉल आसानी से कर सकेंगे, सोशल नेटवर्किंग साइटों पर क्षण भर में फोटो और वीडियो अपलोड करने में आसानी होगी। ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोगों को भी 4जी से फायदा होगा क्योंकि इसका कवरेज अधिक है। गांव में पहली बार मोबाइल ब्रॉडबैंड आएगा।

हालांकि इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि आम लोग हकीकत में 4जी के फर्क को कितना महसूस कर पाएंगे, खासकर अगर वो स्पीड कभी लोगों को मिली ही नहीं जिसका दावा किया जा रहा है।

बहस इस बात को लेकर भी है कि दरअसल 4जी की जरूरत कितनी है और क्या इसके लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने चाहिए। क्योंकि वैसे भी घरों, दफतरों आदि में वाई-फाई नेटवर्क उपलब्ध रहता है।

वैसे 4जी की नीलामी में कम पैसे जुटने के ब्रितानी सरकार के लिए राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। दरअसल सरकार को उम्मीद थी कि इस आबंटन से होने वाली आमदनी की मदद से 2012-13 का बजट घाटा कम हो जाएगा। लेकिन अब इस पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जिन कंपनियों ने नीलामी में हिस्सा लिया था उनमें वोडाफोन, हचिसन थ्रीजी यूके, टेलिफोनिका और एवरीथिंग एवरीवेयर शामिल है। वोडाफोन ने स्पेक्ट्रम के लिए 79 करोड़ दस लाख पाउंड खर्च किए हैं।
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4जी के फायदे- नुकसान
-100 एमबीपीएस तक की स्पीड लोगों को मिल सकेगी यानी थ्री जी नेटवर्क से पाँच से 10 गुना ज़्यादा रफ्तार।
-उपभोक्ता स्मार्टफोन या टेबलेट कम्प्यूटर पर बिना किसी तकनीकी दिक्कत के टीवी, वीडियो और फिल्में देख सकेंगे।
-लोग एचडी वीडियो कॉल आसानी से कर सकेंगे, सोशल नेटवर्किंग साइटों पर फोटो,वीडियो अपलोड करने में आसानी।
-4 जी का कवरेज ज्यादा है, गांव में पहली बार मोबाइल ब्रॉडबैंड आएगा।
-इस बात को लेकर संशय कि आम लोग हकीकत में 4जी के फर्क को कितना महसूस कर पाएंगे।
-4जी की जरूरत कितनी है और क्या इसके लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने चाहिए?

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