यूरोपीय आयोग ने पूरे यूरोप में मोबाइल फोन रोमिंग चार्ज खत्म करने का प्रस्ताव दिया है।
इस प्रस्ताव का मकसद टेलीकॉम बाजार में सुधार करना है। यूरोपीय आयोग का कहना है कि ये सुधार "बीते 26 सालों में टेलीकॉम बाजार में सुधार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना" है।
यूरोपीय आयोग का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं पर बोझ घटेगा और टेलीकॉम कंपनियों को लालफीताशाही से मुक्ति मिलेगी। यूरोपीय आयोग के इन प्रस्तावों के अमल में आने के लिए जरूरी है कि यूरोपीय संघ के 28 देश इन्हें मंज़ूरी दें।
विश्लेषकों का कहना है कि यूरोप ब्रॉडबैंड के बुनियादी ढांचे में पिछड़ रहा है जबकि टेलीकॉम कंपनियां आमदनी में गिरावट की वजह से संघर्ष कर रही हैं।
इस योजना के तहत जुलाई 2014 से कंपनियां रोमिंग पर इनकमिंग कॉल के लिए शुल्क नहीं वसूल पाएंगी। बाकी के रोमिंग चार्ज साल 2016 तक खत्म हो जाएंगे।
तो पूरे यूरोप में सभी उपभोक्ताओं से एक ही कॉल दर वसूलनी होगी या विदेश जाने के दौरान उन्हें बगैर सिम कार्ड बदले किसी और कंपनी की सेवा का इस्तेमाल करने की इजाज़त देनी होगी।
'पूरी और निष्पक्ष पहुंच'
यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोस मैनुएल बरोसो ने कहा कि ये सुधार उपभोक्ताओं और कंपनियों दोनों के लिए ही अच्छे हैं।
उन्होंने कहा, "यूरोप के आर्थिक विकास और रणनीतिक हितों के लिए एक यूरोपीय टेलीकॉम बाजार की ओर बढ़ने में ये अहम पड़ाव है।"
नए प्रस्तावों के तहत कंपनियों को 28 अलग-अलग देशों से मंज़ूरी लेने की जगह सिर्फ एक मंज़ूरी की जरूरत होगी।
इसके अलावा उपभोक्ताओं को सिर्फ 12 महीने का एक करार करना होगा न कि लंबे करार।
अगर करार में दी गई इंटरनेट स्पीड न मिली तो उपभोक्ताओं के पास करार खत्म करने का भी अधिकार होगा।