फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रूस-यूक्रेन टकराव : नाटो से पोत भेजने की अपील

Fri, 30 Nov 2018 07:46 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
रूसी सेना
विज्ञापन
रूस के साथ ताजा टकराव के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको ने जर्मनी और नाटो देशों से मदद मांगी है। उन्होंने जर्मनी को ‘करीबी सहयोगी’ बताते हुए नाटो से नौसैनिक पोत भेजने को कहा है। हाल में क्रीमिया के तट के पास रूसी नौसेना द्वारा यूक्रेन के तीन सैन्य पोतों को अजोव सागर पर रोककर जब्त करने और यूक्रेन के सीमावर्ती क्षेत्रों में मार्शल लॉ लगाने के बाद इस मदद की अपील को पश्चिमी देशों में बड़ी कार्रवाई के रूप में लिया जा रहा है।
विज्ञापन


राष्ट्रपति ने जर्मनी के प्रसिद्ध बिल्ड अखबार से बातचीत में कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि नाटो अजोव सागर में यूक्रेन की मदद करने और सुरक्षा मुहैया कराने के लिए अब अपने सैनिक पोत भेजने को तैयार हैं।’ उन्होंने जर्मन चांसलर एंजेला मैर्केल को यूक्रेन की महान दोस्त बताते हुए कहा कि 2015 के बाद हम एक बार फिर उनसे मजबूत समर्थन की उम्मीद करते हैं।

उधर रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति अगले साल होने वाले चुनाव के कारण अपनी घटती लोकप्रियता बढ़ाने के लिए भड़काऊ कदम उठा रहे हैं। जबकि यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी फेडेरिका मोगेरिनी ने रूस-यूक्रेन तनाव पर चिंता जताते हुए रूसी बल प्रयोग को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा, रूस को चाहिए कि वह यूक्रेन के जब्त जहाजों और नौसैनिकों को तुरंत रिहा करे।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

रूसी साम्राज्य के लिए पुतिन को चाहिए तीन देश : यूक्रेन  

यूक्रेन के राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको का कहना है कि रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन एक बड़ी योजना पर काम कर रहे हैं। पुतिन फिर से रूसी साम्राज्य कायम करने के लिए यूक्रेन समेत क्रीमिया व डोनबास को हड़पना चाहते हैं। वह खुद को रूसी सम्राट के तौर पर देखते हैं, उनका साम्राज्य यूक्रेन के बिना काम नहीं कर सकता इसलिए वे हमें अपने उपनिवेश के तौर पर देखते हैं।

टकराव पर तुर्की मध्यस्थता को तैयार

इस्तांबुल। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच तनाव कम करने के लिए वह मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है। तुर्की सीरिया संघर्ष में भी रूस के साथ मिलकर काम कर रहा है। जबकि एर्दोगन हमेशा से यूक्रेन के साथ तुर्की के परंपरागत रिश्तों पर जोर देते रहे हैं। यही कारण है कि तुर्की राष्ट्रपति के मध्यस्थता वाले बयान को अहम माना जा रहा है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें