फ्रांस में ईसाई से मुस्लिम बनी एक छात्रा को केवल इसलिए स्कूल से निकाल दिया गया कि उसने लॉंग स्कर्ट पहन रखी थी। स्कूल प्रशासन ने निष्कासन की पुष्टि की है। प्रशासन के मुताबिक फ्रांस में छात्राएं लांग स्कर्ट फैशन के रूप में तो पहन सकती हैं, लेकिन धार्मिक उद्देश्य से नहीं।
प्रशासन का मानना है कि सारा ने धार्मिक उद्देश्य से स्कर्ट पहन रखी थी। किसी छात्रा ने लंबी स्कर्ट फैशन के तहत पहनी है या धार्मिक मंशा से, यह निर्धारित करने का अधिकार स्कूलों को है। फ्रांस में धर्मनिरपेक्ष संदेश देने के लिए साल 2004 में यह कानून पारित किया था। फिलहाल स्कूल की हेड टीचर ने मीडिया को बताया कि 16 साल की इस लड़की को उसकी लांग स्कर्ट की वजह से स्कूल में घुसने से रोक दिया गया है। लड़की की स्कर्ट कुछ ज्यादा ही लंबी थी और यह एक तरह का धार्मिक दिखावा है।
टीचर का कहना है कि फ्रांस में साल 2014 से ही इस तरह की ड्रेस पर रोक लगाई जा चुकी है। छात्रा को उसके कपड़ों के कारण स्कूल से निकालने की यह खबर सोशल मीडिया सहित तमाम स्थानीय अखबारों में भी छाई रही। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने पूरे मामले को सुलझाने के लिए छात्रा के माता-पिता को मीटिंग के लिए बुलाया है। इससे पहले भी फ्रांस के कुछ स्कूलों में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।