महात्मा गांधी के हाथों लिखे गए एक पत्र की नीलामी में लगभग 96 लाख रुपए की बोली लगी है।
कहा जा रहा है कि इससे भारत की आजादी के लिए गांधीजी की खुफिया बातचीत का पता चलता है।
नीलामी से पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि वो खत ज्यादा से ज्यादा 10 से 15 हजार पाउंड में बिकेगा। लेकिन जब नीलामी हुई तो नतीजा कुछ और निकला।
गांधी ने वो खत 1943 में लिखा था जब अंग्रेजों ने उन्हें कैद कर रखा था। उस खत में गांधी ने अपनी आजादी की गुहार लगाई थी।
ब्रिटेन में लडलो के शहर श्रौपशायर में हुए नीलामी के बाद नीलामी करने वाली संस्था मलौक्स के मालिक रिचर्ड वेस्टवुड ब्रुक्स ने कहा कि मुझे यकीन है कि किसी भी भारतीय नेता के जरिए लिखे गए पत्र की अब तक की ये सबसे बड़ी क़ीमत लगी है।
ब्रुक्स के अनुसार गांधी का ये खत एक भारतीय नागरिक के पास था जो स्वतंत्रता आंदोलन में गांधी के साथ थे। ब्रुक्स के मुताबिक भारतीय नागरकि ने वो खत इसलिए नीलाम कर दिया क्योंकि उससे मिलने वाली रकम के जरिए उन्हें अपने घर का खर्च चलाना था।
खत पर बंदीगृह का पता लिखा है और 26 अक्तूबर, 1943 की तारीख़ पड़ी हुई है। ब्रुक्स के मुताबिक ये खत अब तक नीलाम किए गए गांधी के महत्वपूर्ण खतों में से एक है क्योंकि इससे भारत की आजादी के लिए गांधी की खुफिया बातचीत का पता चलता है।
भारत के तत्कालीन अतिरिक्त सचिव को लिखे गए इस खत में गांधी अपनी और अपने समर्थकों की रिहाई की अपील करते हैं। इसी संस्था ने पिछले साल गांधी के चश्मे और उनकी कुछ धार्मिक किताबें नीलाम की थीं।