यूरोपीय संघ का कहना है कि ब्रिटेन के साथ ब्रेक्सिट से संबंधित समझौते के प्रस्तावित मसौदे पर राज़ी होने के बावजूद अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है। मुख्य मध्यस्थ माइकल बर्नियर ने कहा, "दोनों पक्षों (यूरोपीय संघ और ब्रिटेन) को अभी लंबा सफर तय करना है।"
उन्होंने आने वाले दिनों की कार्ययोजना की भी जानकारी दी।
यूरोपीय संघ से बाहर जाएगा ब्रिटेन, प्रस्तावित ड्राफ्ट पर कैबिनेट की मुहर
यूरोपीय संघ के लिए क्या मायनेः इस समझौते को ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच तलाक़नामे के रूप में देखा जा रहा है। ज़ाहिर है अगर तलाक़ होगा तो हर्जाने की बात भी होगी। कहा जा रहा है कि ब्रिटेन को यूरोपीय संघ के 39 अरब पाउंड चुकाने होंगे।
बुधवार को ब्रसेल्स में संवाददाताओं से बातचीत में बर्नियर ने कहा था कि इस समझौते में आयरलैंड के साथ सीमा मुद्दा सबसे बड़ी चिंता है।
हालांकि उन्होंने कहा कि "2020 जुलाई तक ऐसा करना संभव नहीं हो पाएगा और इसके लिए समयसीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है। और अगर तक ये प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी तो हमें बैक-अप प्लान को लागू करना होगा।"
इसका मतलब है कि यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ को "एक ही कर क्षेत्र" के रूप में देखा जाएगा जहां सीमाओं पर सीमा शुल्क नहीं लगाए जाएंगे। उत्तरी आयरलैंड यूरोपीय संघ के एक बाज़ार नियमों के तहत ही रहेगा "और ये ज़रूरी है कि सीमाओं को और मुश्किल नहीं बनाया जाए।"
इस महीने के आख़िर में इस विषय पर 27 देशों के नेताओं की बैठक हो सकती है जहां मसौदे पर चर्चा की जाएगी। इस पर सहमति बनने के बाद ही ब्रेक्सिट के समझौते को ब्रिटेन और यूरोपीय संघ की संसद में पेश किया जाएगा।