इटली की आपदा प्रबंधन संस्था के अध्यक्ष लूसियानो मैएनी ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उनका ये कदम अदालत द्वारा उनके सात साथियों को साल 2009 में उत्तरी इटली में आए भूकंप का गलत पूर्वानुमान लगाने के लिए सज़ा दिए जाने के बाद आया है। छह वैज्ञानिकों और एक अधिकारी को कई हत्याओं और झूठे आश्वासनों के लिए सज़ा सुनाई गई थी।
प्रोफ़ेसर मैएनी ने कहा कि सिरियस रिस्क्स कमीशन में ऐसे मुश्किल हालात के बीच काम नहीं कर पाएंगे। साल 2009 में ला’अकीला शहर में आए भूकंप में 309 लोग मारे गए थे और सारा शहर तबाह हो गया था। लूसियानो मैएनी के त्यागपत्र का ऐलान इटली के नागरिक सुरक्षा विभाग ने किया है। विभाग ने कहा है कि रिस्क कमीशन के उपाध्यक्ष और प्रेसीडेंट ने भी अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है।
सलाह से गुरेज़
लूसियानो मैएनी ने एक बयान जारी कर कहा, “सज़ा सुनाए जाने के बाद ऐसे हालात पैदा हो गए हैं जिनमें आयोग का काम शांत और दक्ष तरीके से नहीं किया जा सकता। ” उन्होंने बाद में बीबीसी के न्यूज़नाइट कार्यक्रम को बताया, “ एक वैज्ञानिक समिति को अपना आकंलन पेश करना होता है। ये सलाह ग़लत या बिल्कुल सटीक भी हो सकती है। लेकिन अगर ग़लती के लिए इतनी बड़ी सज़ा मिले तो समिति ढंग से काम नहीं कर पाएगी। इस बात का ख़तरा है कि भविष्य में वैज्ञानिक संस्थाएं सरकार को सलाह देने से गुरेज़ करेंगी। ”
प्रोफ़ेसर लूसियानो मैएनी एक विख्यात भौतिकविज्ञानी हैं जो यूरोपीय एजेंसी सर्न के स्विटज़रलैंड स्थित परमाणु शोध केंद्र के महानिदेशक रह चुके हैं। जिन लोगों को सज़ा सुनाई गई हैं उनपर ‘अधूरी, विरोधाभासी और गलत’ जानकारी देने का आरोप लगा था