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भारत से रक्षा सौदा, कंपनी प्रमुख हिरासत में

Tue, 12 Feb 2013 11:46 PM IST
बीबीसी हिंदी
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इटली के एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण कंपनी फिनमैकानिका के मुखिया को रिश्वत देने के आरोप में मिलान में गिरफ़्तार किया गया है।
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फिनमैकानिका के मुखिया गियूसेप्पे ओरसी के ख़िलाफ़ बीते कई महीनों से जांच चल रही थी। उन पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप है।

इटालियन न्यूज़ एजंसी अनसा ने बताया है, “गियूसेप्पे ओरसी को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ़्तार किया गया है। भारत सरकार को 12 हेलीकॉप्टर बेचने की प्रक्रिया में उन पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप है।” वहीं भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस मामले की जांच अपनी ओर से सीबीआई को सौंप दी है।

जानकारी देने से इनकार
हालांकि इटली की सरकार ने इस बाबत भारत को कोई जानकारी देने से इनकार किया है।

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा है, “हमने रोम स्थित भारतीय दूतावास के जरिए इटली की सरकार से मामले की जानकारी मांगी थी लेकिन हमें बताया गया है कि वहां यह मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत और इससे संबंधित कोई जानकारी शेयर नहीं की जा सकती।”
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भारत ने इस मामले में ग्रेट ब्रिटेन से भी जानकारी मांगी है, लेकिन वहां भी उसे कामयाबी नहीं मिली है। ऐसे में बिना किसी ख़ास जानकारी के सीबीआई इस मामले में भारतीय पहलू से जांच करेगी।

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने फिनमैकानिका से 2010 में करीब 3600 करोड़ रुपए में 12 अति सुरक्षित अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टरों की ख़रीददारी की थी।

इसमें तीन हेलीकॉप्टर भारत आ चुके हैं और बाक़ी के नौ हेलीकॉप्टरों के इस साल जून-जुलाई तक भारत आने की उम्मीद है।

इस सौदे के एक साल बाद इटली की मीडिया में ऐसी रिपोर्टें आईं कि यूरोप में दो बिचौलियों को गिरफ़्तार किया गया है जिन्होंने इस सौदे को कराने में अहम भूमिका निभाई।

इसके बाद यह रक्षा सौदा भी विवादों के घेरे में आ गया। इटली में इस मामले की जांच शुरू हुई और अब फिनमैकानिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को गिरफ़्तार किया गया है।

कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी
फिनमैकानिका इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड की सहयोगी कंपनी है और इसमें 30 फ़ीसदी हिस्सेदारी इटली की सरकार की है।

गियूसेप्पे ओरसी 2011 से फिनमैकानिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। वे लगातार घाटे में चल रही कंपनी को नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन उनकी गिरफ़्तारी के बाद कंपनी के शेयरों की कीमतों में करीब ग्यारह फ़ीसदी गिरावट दर्ज हो चुकी है।
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ये भी बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार के इस मामले में तीन अन्य लोगों को भी नजरबंद करके पूछताछ की जा रही है।

माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार के इस मामले की गूंज इटली के आम चुनावों पर भी असर दिखाएगी। इटली में संसदीय चुनाव 24-25 फरवरी को होने वाले हैं। यही वजह है कि इटली के प्रधानमंत्री मारियो मोंटी ने कहा कि सरकार इस कंपनी के प्रबंधन की जांच कर रही है।

उधर फिनमैकानिका ने अपनी ओर से बयान जारी किया है कि पूरी कंपनी ओरसी के साथ है और मामले में उन्हें हरसंभव कानूनी मदद मुहैया कराई जाएगी।
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