ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में समकालीन इस्लाम के विद्वान तारिक रमादान
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में समकालीन इस्लाम के विद्वान तारिक रमादान पर दो फ्रांसीसी महिलाओं ने यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट लिखाई है। रमादान पर दर्ज मामलों को लेकर इस्लामी संगठनों में नाराजगी है। जबकि हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वी वेनस्टीन के बाद इस मामले पर पश्चिमी दुनिया में बहस चल पड़ी है कि गत एक पखवाड़े में ऐसा क्या हुआ कि दुनिया के प्रभावशाली लोगों पर यौन शोषण के पिछले मामलों का खुलासा बढ़ गया है।
तारिक रमादान के खिलाफ पेरिस में पुलिस शिकायत दर्ज कराने वाली पहली फ्रांसीसी महिला हेंदा आयारी हैं जो एक एक्टिविस्ट और लेखक हैं जबकि दूसरी महिला का नाम प्रकाशित नहीं हुआ है लेकिन उसने पेरिस में ही तारिक के खिलाफ फ्रांस के एक होटल में दुष्कर्म और उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पहली फ्रांसीसी महिला हेंदा आयारी ने अपनी शिकायत में लिखा है कि स्विट्जरलैंड में पैदा हुए तारिक रमादान ने 2012 में उनका यौन शोषण किया है। जबकि दूसरी फ्रांसीसी महिला ने 2009 में उनके साथ इस्लामी विद्वान द्वारा दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। 55 वर्षीय तारिक रमादान चूंकि पश्चिम और इस्लामी देशों में एक बड़ी हस्ती हैं, इसलिए इस्लाम के अनुयायियों व सुन्नी मुसलमानों में इन शिकायतों को लेकर काफी नाराजगी है।
इस बीच रमादान के वकील ने पहली महिला के आरोपों का खंडन किया है, लेकिन दूसरी महिला के मामले में तारिक रमादान और उनके वकील दोनों ने चुप्पी साध ली है। हालांकि इस मामले में कई मुस्लिम संगठन रमादान के पक्ष में गोलबंद होने लगे हैं। पेरिस के मशहूर वकील ग्रेगोइसे लेक्लर्क ने कहा रमादान अपने बचाव में समर्थकों को भड़का रहे हैं जबकि अन्य वकील जोनास ने भी इसकी पुष्टि की।