फ्रांस में इस साल 23 अप्रैल को चुनाव होने हैं, जिसमें अमेरिका की तरह दक्षिणपंथी विचारधारा हावी है। यहां नेशनल फ्रंट की उम्मीदवार ने फ्रांस के लियॉन शहर में अपना घोषणापत्र जारी करते हुए इस्लामी कट्टरपंथ पर हमला बोला है। दरअसल आतंकी हमलों और देश में बढ़ रही शरणार्थियों की समस्या के बाद यहां भी कट्टरपंथियों के खिलाफ राजनीतिक माहौल गरम है। यहां भी ट्रंप के समान आक्रामक मुद्दों पर चुनाव प्रचार की तैयारी हो रही है।
नेशनल फ्रंट की उम्मीदवार ली पेन ने अपना घोषणापत्र जारी करते हुए समर्थकों से कहा है कि वैश्वीकरण के कारण कई समुदायों की सांसें घुट रही हैं। उन्होंने इस्लामी कट्टरपंथ के दमनकारी शासन में फ्रांस की एक स्याह तस्वीर दिखाई जिसमें महिलाओं को कैफे में जाने अथवा स्कर्ट पहनने पर रोक लगाई जाएगी।
ट्रंप के ही समान ली पेन ने भी ग्लोबलाइजेशन का विरोध करते हुए कहा कि - संरक्षणवाद और आर्थिक राष्ट्रभक्ति द्वारा देश में स्थानीय स्तर पर क्रांति लाना जरूरी है। यूरोपीय संघ को विफल करार देते हुए नेशनल फ्रंट की नेता ने कहा कि यह संघ अब तक अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं कर सका है, बल्कि इसके लचर रवैये से देश में मध्य-पूर्व से शरणार्थियों की संख्या जरूर बढ़ गई है।