ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के एक समूह ने फर्जी कॉल घोटाले में पीड़ित भारतीय छात्र-छात्रों का समर्थन किया और कार्रवाई की मांग की। ब्रिटेन में गृह विभाग के कार्यालय का हवाला देते हुए निर्दोष छात्रों को निर्वासित करने की धमकी देने का मामला सामने आया है।
छात्र संगठन इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (इनसा), यूके ने घोटाले के शिकार छात्रों की मदद करने के लिए सप्ताहांत में लंदन में आयोजित अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की वार्षिक बैठक में इस मुद्दे को उठाया। संगठन ने बयान में कहा, "वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय और किंग्स कॉलेज के लंदन इकाई ने बैठक में भारतीय विद्यार्थियों के साथ हुए फर्जी कॉल के मुद्दे को उठाया और प्रभावित लोगों को मदद देने की बात कही।"
वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय के हार्दिक सोमानी के मामले को केस स्टडी के रूप में रखा है। सोमानी को "ब्रिटेन के गृह विभाग के कार्यालय" के हवाले से फर्जी फोन करके जुर्माने का भुगतान करने या फिर निर्वासन के लिए तैयार रहने की धमकी दी गई थी। सोमानी को कागजी प्रकिया का सही ढंग से पालन नहीं करने पर निर्वासन और 10 वर्ष के लिए ब्रिटेन से प्रतिबंधित करने की धमकी दी गई थी। इससे बचने के लिए 6,500 पाउंड का भुगतान करने के लिए कहा गया था।
संगठन की अध्यक्ष श्वेता कुलकर्णी ने कहा कि इनसा की स्थापना भारतीय विद्यार्थियों का पक्ष रखने के लिए की गई थी और हम इस तरह के फर्जी कॉल और वीजा से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के इच्छुक हैं। हम अधिकारियों से धोखेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह करते हैं। गृह विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि विभाग के अधिकारी कभी किसी व्यक्ति से फोन पर वीजा शुल्क या जुर्माने का भुगतान करने के लिए संपर्क नहीं करते हैं।