भारतीय मूल की एक शीर्ष विद्वान ‘किंग्स कॉलेज लंदन’ के स्टाफ के उन्हें ‘डाक्टर’ शब्द से संबोधित करने से मना करने के बाद छात्रों को पढ़ाने से इनकार करते हुए हड़ताल पर चली गई हैं।
उपनिवेशवादोत्तर साहित्य में विशेषज्ञता रखने वाली कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की फैलो प्रियंवदा गोपाल ने इस मामले को किंग्स कॉलेज में साथी स्टाफ कर्मियों द्वारा लगातार किए जाने वाले नस्ली व्यवहार का हिस्सा बताया है।
सोमवार को हुई इस घटना के बाद उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि कैसे उन्होंने अपने एक साथी कर्मी से कहा , ‘‘कृपया मुझे डॉक्टर गोपाल कहें’’ इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम कौन हो।’’
उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ उनके हठपूर्वक उन्हें ‘मैडम’ की जगह उनके उचित नाम से बुलाने का नहीं है बल्कि इसका मजाक के तौर पर और उपेक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने का है।