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चीन पर भारी भारत लेकिन कैसे?

Sun, 04 Nov 2012 06:40 PM IST
बीबीसी हिन्दी
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एक ताजा सर्वेक्षण से पता चला है कि दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था यानि चीन अंग्रेजी भाषा में दक्षता के मामले में 54 देशों की सूची में 36वें स्थान पर है जबकि भारत उससे कहीं आगे 14वें स्थान पर है।
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यानी अंग्रेजी भाषा में दक्षता के मामले में चीन, भारत से बहुत पीछे है। 'ऐजुकेशन फर्स्ट' नामक संगठन के सर्वेक्षण से यह बात सामने आई है। 'ऐजुकेशन फर्स्ट' दुनिया की सबसे बड़ी निजी शिक्षा कंपनियों में से एक है। 'ऐजुकेशन फर्स्ट' ने जो सूची जारी की है, उसके मुताबिक, अंग्रेजी में दक्षता के मामले में दुनिया का सबसे अव्वल देश स्वीडन है जिसके बाद डेनमार्क, नीदरलैंड्स, फिनलैंड और नॉर्वे का स्थान है।

अंग्रेजी में फिसला चीन
'ऐजुकेशन फर्स्ट' के सर्वेक्षण से जुड़े वरिष्ठ भाषा-शिक्षा विशेषज्ञ कैरोलाइन इंग्स्टलर कहती हैं, ''चीन पिछले साल इस सूची में 29वें स्थान पर था, इस बार 36वें स्थान पर है।'' वे बताती हैं कि चीन में स्कूली शिक्षा पूरी होने के साथ ही अंग्रेजी भाषा की शिक्षा भी पूरी हो जाती है।
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कैरोलाइन इंग्स्टलर कहती हैं, ''यूरोपीय लोगों से तुलना की जाए तो एशिया के लोग अपना करियर शुरू करने के बाद अंग्रेजी को बेहतर करने में उतनी कड़ी मेहनत नहीं करते हैं।'' चीन में भाषाई प्रशिक्षण से जुड़े झेंग झाउयू कैरोलाइन की इस बात से सहमति जताते हैं।

वे कहते हैं, ''सिंगापुर और भारत जैसे देशों से तुलना की जाए तो चीन में अंग्रेजी भाषा के अभ्यास के लिए माहौल की कमी है। स्कूल के बाहर कहीं अंग्रेजी बोलने के लिए छात्रों के पास मौके कम हैं।'' 'ऐजुकेशन फर्स्ट' की सूची में सबसे नीचे यानि 54वें स्थान पर लीबिया है। पाकिस्तान इस सूची में 17वें स्थान पर है।
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