यूरोप के शहरों में भारत को ड्रग्स के जन्मस्थान का नाम दिया जा रहा है। शुक्रवार को यूरोप के ड्रग रिपोर्ट 2015 जारी हुए हैं। उसके अनुसार यूरोप के ड्रग्स बाजार में नशे के सामान पाउडर और गोलियों के रुप में अपनी स्थिरता जमाए हुए हैं जिन पर दवा कानूनों के तहत नियंत्रण नहीं किया जा रहा है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक ये नशीले पदार्थ सिंथेटिक कैथोनिन, पेंटेड्रान , मेफेड्रान और एमडीपीवी के रुप में अपनी अवैध मौजूदगी जमाए हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कैथनिन का उत्पादन मुख्य रुप से भारत में होता है।
ड्रग्स को यूरोप में आयात किया जाता है फिर उन्हें यहीं पैक कर के मार्केट में उतारा जाता है। ये सारे ड्रग्स अवैध बाजारों में बेचे जाते हैं। इन्हें लीगल हाईज का नाम दिया गया है।