इस बार की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार फिनलैंड दुनिया का सबसे खुश देश है। इस पर फिनलैंड ने कहा, इसका सबसे बड़ा कारण है फिनलैंड के लोगों का प्रकृति से जुड़ाव। साथ ही यहां सुरक्षा, चाइल्डकेयर, अच्छे स्कूल और नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवा का स्तर भी बेहतर है, जिस कारण यहां के लोग खुश रहते हैं। आपको बता दें कि पिछले साल की रिपोर्ट में फिनलैंड 5वें नंबर पर था लेकिन उसने इस बार नार्वे को भी पीछे छोड़ दिया है।
अमेरिका के लोग भी पिछले साल के मुकाबले ज्यादा खुश नहीं हैं। बीते साल की रिपोर्ट में
अमेरिका 14वें नंबर पर था लेकिन इस बार वह 18वें नंबर पर आ गया है। जबकि ब्रिटेन का स्थान 19वां रहा। अगर दुनिया के सबसे दुखी देश की बात की जाए तो वह देश सीरिया है। जहां पिछले 7 सालों से गृहयुद्ध की स्थिति बनी हुई है। सीरिया का स्थान रिपोर्ट में 150वां रहा।
हालांकि साल 2015 में लाखों प्रवासी यूरोप आए जिनमें से कुछ हजार लोग फिनलैंड भी आए। फिनलैंड एक समजातीय देश है। यहां करीब 3 लाख विदेशी रहते हैं। जिनमें ऐसे निवासी भी शामिल हैं जिनकी जड़ें विदेशों से जुड़ी हैं। फिनलैंड की कुल आबादी 55 लाख के करीब है। साथ ही यहां ऐसे समुदाय भी रहते हैं जो अफगानिस्तान, चीन, इराक और सोमालिया से ताल्लुक रखते हैं।
वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट के सह संपादक जॉन हेलीवेल का कहना है कि जिन देशों का नाम टॉप टेन में शामिल हैं, वहां के नागरिक जितने खुश हैं उतने ही खुश वहां रहने वाले प्रवासी भी हैं। इस लिस्ट के टॉप 10 देशों में फिनलैंड, नार्वे, डेनमार्क, आइसलैंड, स्विटजरलैंड, नीदरलैंड, कनाडा, न्यूजीलैंड, स्वीडन और ऑस्ट्रेलिया हैं।