तुर्की में बीते महीने हुए तख्तापलट के प्रयास के विरोध में इस्तांबुल में आयोजित रैली में लाखों लोग शामिल हुए हैं। राष्ट्रपति अर्दोआन समेत विपक्ष के नेताओं ने भी रैली को संबोधित किया। अपने भाषण में राष्ट्रपति अर्दोआन ने तुर्की में फांसी की सजा को फिर से बहाल किए जाने का संकेत दिया।
तुर्की में 15 जुलाई को हुए तख्तापलट के प्रयास से जुड़ी घटनाओं में 270 से अधिक लोग मारे गए थे। तख्तापलट के नाकाम होने के बाद सरकार ने इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाइयां की हैं। अमरीका में रह रहे तुर्की के धर्मगुरू फतेहुल्लाह गुलेन के हजारों समर्थकों को हिरासत में लिया गया है और सरकारी नौकरियों से निकाल दिया गया है।
गुलेन तख्तापलट की कोशिशों में अपनी कोई भी भूमिका होने से इनकार करते रहे हैं। पश्चिमी देशों ने भी तख्तापलट पर तुर्की सरकार की प्रतिक्रियाओं की आलोचना की है। यूरोपीय संघ अपने सदस्य देशों में फांसी की सजा को स्वीकार नहीं करता है।