बिस्मार्क के बाद सबसे बड़े नेता रहे हेलमुट की मौत, गिरवाई थी बर्लिन की ऐतिहासिक दीवार
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आधुनिक जर्मनी के निर्माता माने जाने वाले हेलमुट कोह्ल की मौत हो गई है। वो जर्मनी में सबसे लंबे समय तक चालंसर रहे थे और जर्मनी के एकीकरण में उन्होंने सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी। शीतयुद्ध के आखिरी दौर में वो दुनिया के सबसे चेहेते नेताओं में से एक रहे थे।
हेलमुट कोह्ल साल 1982 से 1998 तक जर्मनी के चालंसर रहे थे और उनकी मौत अब 87 साल की उम्र में हुई है। उन्हें पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी का एकीकरण कराने के लिए 'फादर ऑफ री-यूनिफिकेशन' की संज्ञा दी जाती है। साथ ही शीतयुद्ध के शांतिपूर्ण तरीके से खात्में में भी उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है। अमेरिका के राष्ट्रपति रहे जॉर्ज डब्ल्यू बुश सीनियर ने उन्हें एक समय 20वीं शताब्दी के सबसे महत्वपूर्ण नेता कहा था।
Germany's former chancellor Helmut Kohl, architect of German reunification of 1990, dies aged 87: German media pic.twitter.com/whE2ozPZFu
— ANI (@ANI_news) June 16, 2017
हेलमुट कोह्ल साल 1982 से 1990 तक पश्चिमी जर्मनी के चालंसर रहे थे। और बाद में एकीकृत जर्मनी में 1990 से 1998 तक चालंसर रहकर देश को विकास की ओर ले जाने में अपनी भूमिका निभाई।
क्रिश्चियन डेमोक्रेकिट यूनियन पार्टी के नेता रहे हेलमुट कोह्ल 16 सालों तक जर्मनी के चालंसर के पद पर रहे, जो आधुनिक जर्मीन के निर्माता कहे जाने वाले बिस्मार्क के बाद सबसे अधिक है। इसीलिए उन्हें बिस्मार्क के बाद जर्मनी के सबसे सफल नेता के तौर पर भी जाना जाता है।