इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन के क्रिसमस मार्केट में सोमवार रात ट्रक से हुए हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकी संगठन से जुड़ी न्यूज एजेंसी 'अमाक' ने बयान जारी कहा, 'गठबंधन देशों के नागरिकों को निशाना बनाने की अपील पर आईएस के एक लड़ाके ने बर्लिन में ऑपरेशन को अंजाम दिया।'
दूसरी ओर, जर्मनी पुलिस को बर्लिन के अति व्यस्त क्रिसमस बाजार में ट्रक घुसाकर कई लोगों को कुचलकर मारने के पीछे आतंकी घटना का संदेह है। बर्लिन पुलिस ने आतंकी नजरिए के साथ घटना की जांच शुरू कर दी है और मामले को संघीय अभियोजक के हवाले कर दिया गया है। इस बीच हमले में जिम्मेदार एक पाक नागरिक को भी पकड़ा गया, लेकिन बाद में उसका इस घटना से कोई संबंध नहीं निकला। हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत और 48 के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है।
जर्मनी पुलिस अभी भी इस घटना को सामान्य हादसा मानने को तैयार नहीं है। हालांकि बर्लिन की पुलिस ने कहा है कि राजधानी के भीड़ भरे क्रिसमस बाजार इलाके में जानबूझकर ट्रक घुसाने वाले लोगों में जिस पाकिस्तानी मूल के ड्राइवर को पकड़ा गया था वह इस हमले का जिम्मेदार नहीं है। एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि असली मुजरिम अभी भी पकड़ से दूर है और वह हथियारों से लैस है। गंभीरता को देखते हुए घटना की जांच की जिम्मेदारी जर्मनी में आतंकी मामलों की जांच करने वाले संघीय अभियोजक को सौंप दी गई है। जर्मनी के न्याय मंत्री हाइको मास ने इसकी पुष्टि भी कर दी है।
मंगलवार सुबह एक ट्वीट में पुलिस ने कहा कि यह हादसा एक ‘संभावित आतंकी हमला है’, लेकिन जर्मनी के अधिकारी इस हमले को आतंकवाद से जोड़कर सार्वजनिक बयानबाजी से कतरा रहे थे। इसका कारण जर्मनी में शरणार्थियों के खिलाफ आंतरिक विरोध बढ़ने की आशंका बताई जा रही है।
फ्रांस ने भी बढ़ाई चौकसी
बर्लिन में ट्रक दौड़ता रहा, लोग कुचलते रहे
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जर्मनी में पिछले 10 वर्ष में इसे सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। फिलहाल बर्लिन हमले की जिम्मेदारी भले ही किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन जांच की सुई आतंकी वारदात की तरफ स्पष्ट इशारा कर रही है। इसे देखते हुए फ्रांस ने भी अपने यहां चौकसी बढ़ा दी है। वहां प्रत्येक सार्वजनिक और पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा निगरानी कड़ी कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि जर्मनी के पड़ोसी देश फ्रांस और बेल्जियम ने भी कई आतंकी हमले झेले हैं।
रौंदकर मारने वाले बड़े आतंकी हमले
- फ्रांस के नीस शहर में सड़कों पर बास्टिल डे मनाते हुए लोगों को एक ट्रक ने 2 किमी तक अनगिनत लोगों को रौंदा। घटना में 84 लोग मारे गए।
- इस्राइल व फलस्तीन में भी कार चढ़ाकर कुछ घटनाओं में 215 फलस्तीनी, 34 इस्राइली, 2 अमेरिकी, 1-1 सूडानी व इरिट्रिया के नागरिक मारे गए।
- दो नाइजीरियाई इस्लामी कट्टरपंथियों ने एक ब्रिटिश सैनिक पर कार चढ़ाई। उन्हें ब्रिटिश सेना द्वारा मुस्लिमों को मारे जाने का गुस्सा था।
- कनाडा में इस्लामी कट्टरपंथी ने एक सैनिक पर गाड़ी चढ़ाकर उसे मार डाला। उसने जिहाद के नाम पर इस वारदात को अंजाम दिया था।
- स्कॉटलैंड में 2007 में दो लोगों ने जलती हुई जीप हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग में घुसा दी। जज ने उन्हें धार्मिक कट्टरपंथी बताया।