संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इराक और सीरिया में विदेशी जिहादियों को रोकने के लिए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया है।
सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि इस बाध्यकारी प्रस्ताव से कई देशों को ये सुविधा होगी कि वो विदेशी जिहादियों की भर्ती और उन्हें वित्तीय मदद पर रोक लगा सकेंगे।
ओबामा का कहना था कि जिहादियों से मिल रही चुनौती से कोई देश अकेले नहीं निपट सकता।
रुस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सुरक्षा परिषद में कहा कि उनका देश जिहादियों के खिलाफ अमेरिकी प्रशासन के प्रस्ताव का समर्थन करता है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि 'आतंकवाद' मानव सभ्यता का शत्रु है। उन्होंने कहा कि चीन 'आतंकवादी' संगठनों के बारे में मिली जानकारी आपस में बांटेगा और इंटरनेट पर आतंकवादी गतिविधियों को रोकने की कोशिशों को पुख्ता करेगा।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद की जहर भरी विचारधारा को जड़ से हार देना होगा।
इससे पहले, राष्ट्रपति ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को संबोधित करते हुए इस्लामिक स्टेट को 'मौत का जाल' क़रार दिया।