चीन ने बेहद घातक गुप्त हथियार इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेलगन विकसित कर लिया है। यह दावा इंटरनेट पर लीक कुछ तस्वीरों के आधार पर किया गया है, जिसमें रेलगन चीन के समुद्री जहाज पर तैनात नजर आ रही है। कोई भी आधुनिक रक्षा प्रणाली और रडार रेलगन के हमले को रोकने में सक्षम नहीं हैं। यह उड़ते विमान से लेकर मिसाइल तक को मार गिराने में सक्षम है।
रिपोर्ट के मुताबिक चीन की वूचांग समुद्री जहाज पर रेलगन दिखी है। इस जहाज का इस्तेमाल चीन अपने हथियार के परीक्षण के लिए करता है। वहीं चूंकि जहाज पर तैनात तोप का आकार बेहद विशाल है, इसलिए साफ तौर पर यह कहा जा रहा है कि यह 37 एमएम की सामान्य तोप नहीं है, जो आमतौर पर जहाजों पर होती है। इससे पहले सिर्फ अमेरिका ने प्रोटोटाइप रेलगन विकसित की है, लेकिन प्रोजेक्ट का बजट 500 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंचने के चलते इसमें कटौती करनी पड़ी। यानी चीन इस घातक हथियार को बनाने में अमेरिका से आगे निकल गया है।
मिसाइल जैसी रेंज और तोप जैसी रफ्तार
बीजिंग काफी समय से यह हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था क्योंकि इसमें मिसाइल जितनी रेंज मिलती है और तोप जैसी रफ्तार। रेलगन ऐसा हथियार है, जिसमें इलेक्ट्रोमैगनेटिक ताकत के जरिये गोले को फायर किया जाता है। जबकि तोप से दागे गए गोले को बारूद से ताकत मिलती है।
ध्वनि से सात गुना तेज रफ्तार और 160 किमी रेंज
अमेरिकी ने जो रेलगन विकसित की है, उसके दागे के गोले की रफ्तार ध्वनि से सात गुना तक ज्यादा होती है। वहीं इसकी रेंज 160 किलोमीटर है। चीनी रेलगन की ताकत का खुलासा अभी नहीं हो सका है।
हर शॉट में खर्च होगी हजारों घरों के बराबर बिजली
बीजिंग के हथियार शोधकर्ता की मानें तो रेलगन भविष्य में का नौसैनिक हथियार है। वहीं इस हथियार को चलाने के लिए ढेर सारी ऊर्जा की जरूरत होती है। इसके हर एक शॉट में 19000 घरों के बराबर बिजली खर्च होती है।