अर्जेंटीना के कार्डिनल योर्ग मारियो बेर्गोगलियो को नया पोप चुना गया है। वो ब्यूनस आयर्स के आर्चकबिशप हैं।
अब उन्हें पोप फ्रांसिस प्रथम के नाम से जाना जाएगा। वो पहले पोप होंगे जिनका संबंध यूरोप के बाहर लातिन अमेरिकी क्षेत्र से है।
नए पोप के चुने जाने के अवसर पर वेटिकन के सेंट पीटर्स स्कवेयर पर जश्न का माहौल है और लगातार घंटियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
इससे पहले सिस्टीन चैपल की चिमनी से निकलने वाले सफेद धुएं के जरिए नए पोप के चुने जाने की सूचना दी गई।
पिछले महीने बेनेडिक्ट सोलहवें ने बिगड़ती सेहत का हवाला देते हुए पोप का पद छोड़ा था जिसके बाद नए पोप को चुनने की प्रक्रिया शुरू हुई।
बेनेडिक्ट सोलहवें ने ऐसे समय में पोप का पद छोड़ा है जब कैथोलिक चर्च बाल यौन शोषण और वेटिकन में भ्रष्टाचार के कथित आरोपों से जूझ रहा है।
नए पोप 266वें पोप होंगे और वो 1.2 अरब कैथोलिक ईसाइयों का नेतृत्व करेंगे।
'भावुक पल'
भीड़ में ‘पोप जिंदाबाद’ के नारे लग रहे हैं। दिन भर बारिश में छाता थामे नया पोप चुने जाने का इंतजार कर रहे लोगों ने जब चिमनी से सफेद धुआं निकलता देखा तो कइयों की आंखों में आंसू आ गए।
एक व्यक्ति ने बीबीसी को बताया कि ये बहुत ही भावुक पल है। हमने सोचा था कि चलो घर चलते हैं क्योंकि आज भी काला ही धुआं निकलेगा। लेकिन ये सही नहीं था। हमारे दिल को ये बात छू गई। ये वाकई अविश्वसनीय है।
वहीं फिलीपींस से वेटिकन पहुंचे एक व्यक्ति ने समाचार एजेंसी एपी से कहा कि मेरे लिए बता पाना बहुत मुश्किल है कि मैं कितना खुश हूं।
मंगलवार से ही 115 कार्डिनल नए पोप के नाम पर मतदान कर रहे थे और स्पष्ट नतीजे से पहले चार मतदान सत्रों में कोई नतीजा नहीं निकला था।
किसी भी उम्मीदवार के पोप चुने जाने के लिए जरूरी है कि उसे दो तिहाई कार्डिनलों का समर्थन प्राप्त हो।
वेटिकन में कार्डिनलों का अहम सम्मेलन शुरू होने से ऐसा कोई स्पष्ट नाम नहीं था जिसे बेनेडिक्ट का उत्तराधिकारी माना जाए।