वाइली ने भारत में एससीएल के सभी पूर्व प्रोजेक्टों का स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए कहा, एससीएल इंडिया के पास 600 से ज्यादा जिलों और 7 लाख गांवों का डाटाबेस है। यह लगातार अपडेट होता रहता है। इसमें घरेलू जनसंख्या शामिल है। खासतौर पर जाति आधारित डाटा पर फोकस किया गया है।
ऐसे करती है काम
कंपनी इन सूचनाओं को आवश्यक जानकारी के मुताबिक विश्लेषण के लिए ऑनलाइन मैपिंग एप्लीकेशन पर लिंक करती है। एससीएल इंडिया अपने क्लाइंट से वादा करती थी कि वह आबादी के अंदर लक्षित समूह (टॉरगेट ग्रुप) को प्रभावित करने और जरूरी निष्कर्ष तक पहुंचने में मदद करती है। क्लाइंट को पूरी रिसर्च के साथ सही सूत्रों के जरिये सही कम्युनिकेशन चैनल का इस्तेमाल कर सही संदेश पहुंचाया जाता है।
गाजियाबाद में मुख्यालय, नौ क्षेत्रीय ऑफिस
भारत में रिसर्च के लिए एससीएल ने गाजियाबाद में मुख्यालय बनाया है। इसके अलावा अहमदाबाद, बंगलूरू, कटक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोलकाता, पटना और पुणे में कंपनी के नौ क्षेत्रीय ऑफिस हैं।
2003 में राजस्थान-एमपी में किया काम
कंपनी ने कई राज्यों में काम किया। 2003 में राजस्थान में एक बड़ी राज्य स्तरीय पार्टी के लिए काम किया। 2003 में एससीएल इंडिया ने एक राष्ट्रीय पार्टी के लिए राय बदलने वाले वोटरों का चुनावी विश्लेषण किया। 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक बड़ी पार्टी के लिए राजनीतिक सर्वे किया। 2009 के लोकसभा चुनावों में कई प्रत्याशियों के चुनाव अभियानों का प्रबंधन संभाला।
2007 में छह राज्यों में चलाया विशेष अभियान
एससीएल इंडिया को ट्रांस नेशनल प्रोग्राम की मदद के लिए 2007 में एक रिसर्च कम्युनिकेशन अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके जरिये केरल, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश नॉन डिजायर बिहेवियर से जिहाद का समर्थन करने वाले लोगों का मुकाबला किया जाना था।