फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड और बुल्गारिया के बाद जर्मनी में भी पूरा चेहरा ढंकने वाले बुर्के पर प्रतिबंध लग जाएगा। हालांकि यह आंशिक होगा जो फिलहाल सिर्फ सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा। जर्मनी में इस बाबत एक विधेयक लाया गया है जिसे जर्मन संसद के निचले सदन ‘बुंडेसटाग’ से मंजूरी मिल चुकी है। अब इस विधेयक को ऊपरी सदन ‘बुंडेसराट’ में भेजा जाएगा, जहां इसके पास होने के बाद यह एक कानून बन जाएगा।
इस विधेयक के मुताबिक जर्मनी में सरकारी कर्मचारी, जज और सैनिक काम के दौरान पूरे चेहरे को ढंकने वाला बुर्का नहीं पहन सकेंगे। निचले सदन से विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद जर्मनी में सरकार चलाने वाले गठबंधन ने एक बयान जारी कर कहा कि - ‘चेहरे को धार्मिक या विचारधारा के आधार पर ढंकना, सरकारी संस्थानों की तटस्थता के अनुरूप नहीं है।’
इस विधेयक के तहत सुरक्षा जांच के दौरान महिलाओं को अपना चेहरा दिखाना होगा। दरअसल, जर्मनी ने बीते एक साल में कुछ आतंकवादी हमले झेले हैं। इस कारण शरणार्थी संकट के बाद यहां की उग्र दक्षिणपंथी पार्टियां आतंकवाद को भी मुद्दा बना रही हैं। सितंबर में होने वाले चुनावों से पहले मुख्यधारा की पार्टियों पर इस मामले को लेकर कानून बनाने का जबरदस्त दबाव है।
संदिग्धों को पैर में इलेक्ट्रॉनिक पायल पहनाएंगे
- फोटो : अमर उजाला
दिसंबर 2016 में जर्मन चांसलर एंजेला मैर्केल ने बुर्के पर प्रतिबंध लगाने को लेकर बयान दिया था। उसी कड़ी में निचले सदन के भीतर यह विधेयक पारित हुआ है। ड्यूटी के दौरान पुलिस, आपातकाल सेवा और सैनिकों पर शारीरिक हमला करने वालों को पांच साल जेल की सजा देने को भी निचली सदन ने सहमति दी। जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टियां भी फ्रांस की तरह अपने यहां भी सार्वजनिक जगहों पर बुर्का प्रतिबंधित करने की मांग कर रही थीं। अगर ऊपरी सदन से पारित होने के बाद जर्मनी में यह कानून बना तो जर्मनी यूरोप का ऐसा पांचवां देश होगा जहां बुर्के पर आंशिक प्रतिबंध लग जाएगा। ऑस्ट्रिया और नॉर्वे में भी इस पर विचार हो रहा है।
चुनाव से पहले दक्षिणपंथी राजनीति चरम पर
जर्मनी की चांसलर एंजेला मैर्केल और उनकी सीडीयू पार्टी को पांच महीने बाद चुनाव में उतरना है। सर्वेक्षणों के मुताबिक सीडीयू का कुछ जनाधार अप्रवासियों का विरोध करने वाली पार्टी एएफडी की तरफ खिसका है। खुद सीडीयू की सहोदर पार्टी सीएसयू दक्षिण जर्मनी के समृद्ध प्रांत बावेरिया में सरकार चलाती है। सीएसयू कह चुकी है कि वह स्कूल, यूनिवर्सिटियों, सरकारी दफ्तरों और पोलिंग स्टेशनों में बुर्के पर प्रतिबंध लगाएगी। इस तरह जर्मनी में दक्षिणपंथी राजनीति चरम पर है।
संदिग्धों को पैर में इलेक्ट्रॉनिक पायल पहनाएंगे
जर्मनी में संसद के निचले सदन में देर शाम तक चले सत्र के दौरान कट्टरपंथियों के बढ़ते हमलों को रोकने के लिए नए सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा की गई। नए उपायों के तहत अदालत की मंजूरी के बाद सुरक्षा के लिए खतरा बने संदिग्ध लोगों को पैर में इलेक्ट्रॉनिक पायल पहनाई जाएगी। संघीय और प्रांतीय पुलिस के डाटा को साथ लाने के लिए साझा आईटी सिस्टम भी बनाया जाएगा। यूरोपीय संघ के नियम के मुताबिक हवाई सफर करने वाले यात्रियों का डाटा भी शेयर किया जाएगा।