ब्रिटेन में आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक संसद में पिछले साल पोर्नोग्राफिक वेबसाइट्स को खोलने की 3 लाख से ज्यादा बार कोशिश की गई।
हाउस ऑफ कॉमंस के अधिकारियों का कहना है कि ये साफ नहीं है कि सांसदों ने ये कोशिश की या उनके स्टाफ ने।
उनका कहना है कि इन आंकड़ों का मतलब ये नहीं है कि हर बार जानबूझकर पोर्न साइट देखने की कोशिश की गई।
संभव है कि खुद-ब-खुद लोड होने वाले थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर या बेवसाइट ने इसे बढ़ाचढ़ाकर पेश किया हो।
ब्रितानी संसद में करीब पांच हजार लोग काम करते हैं।
सूचना
'हफिंगटन पोस्ट यूके' ने सूचना की स्वतंत्रता के अधिकार के तहत ये जानकारी मांगी थी जिसके बाद ये आंकड़े जारी किए गए हैं।
हफिंगटन पोस्ट यूके ने इसे 'ओह यस मिनिस्टर!' शीर्षक से प्रकाशित किया है।
आंकड़ों के मुताबिक नवंबर में पोर्न वेबसाइट देखने की 1,14,844 कोशिश की गई जबकि फरवरी में केवल 15 बार ऐसा करने की कोशिश की गई।
हाउस ऑफ कॉमंस की प्रवक्ता ने कहा, "हम नहीं मानते हैं कि ये आंकड़े सही हैं।"
उनका कहना था कि कई बार ऐसी वेबसाइट एक ही बार में कई हिट दर्ज कर लेती है या कुछ वेबसाइट पॉप-अप के जरिए दूसरी वेबसाइट से जोड़ लेती हैं।
घोषणा
प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने जुलाई में ऐलान किया था कि इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियां घरों में पोर्नोग्राफी को ब्लॉक कर देंगी जब तक कि कोई पोर्न वेबसाइट देखना न चाहे।
उन्होंने कहा था कि ऑनलाइन पोर्नोग्राफी से बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है और सेक्स और संबंधों के बारे में उनकी समझ खराब हो रही है।
ब्रिटेन की सबसे बड़ी इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों ने उस फिल्टर स्कीम पर सहमति जताई है जिसके तहत 95 फीसदी घरों में पोर्न बेवसाइट ब्लॉक हो जाएंगी।
लेकिन कैमरन के एक सलाहकार और विकीपीडिया के सह संस्थापक जिमी वेल्स ने इस योजना को बेतुका बताया है।