ब्रितानी विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन ने एक गुरुद्वारे में शराब के बारे में बात करके कई सिखों को नाराज कर दिया है। वे इंग्लैंड के ब्रिस्टल शहर के एक गुरुद्वारे में गए थे। वे कंजरवेटिव पार्टी के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं इसी मकसद से वो वहाँ गए थे। ब्रिटेन में आठ जून को चुनाव होने वाले हैं। ब्रेक्सिट का फैसला आने के बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस्तीफा दे दिया था।
उसके बाद अंतरिम प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने जल्दी चुनाव कराने का ऐलान कर दिया है।
भारत में स्कॉच पर 150 फीदी ड्यूटी
बोरिस जॉनसन ने गुरुद्वारे में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुआ कहा कि उनकी पार्टी भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करना चाहती है। उन्होंने कहा, "जब भी ब्रिटेन से भारत के लोग लौटते हैं तो अपने साथ ड्यूटी फ्री व्हिस्की की बोतल जरूर ले जाते हैं क्योंकि भारत में स्कॉच व्हिस्की पर 150 प्रतिशत ड्यूटी लगती है।" बोरिस जॉनसन का कहना था कि कंजरवेटिव पार्टी की सरकार आई तो भारत के लोग व्हिस्की का लुत्फ उठा सकेंगे क्योंकि मुक्त व्यापार के प्रावधानों के तहत स्कॉच पर ब्रिटेन इम्पोर्ट ड्यूटी नहीं लगाएगा।
इस पर सभा में मौजूद एक सिख महिला ने जोरदार आपत्ति की और उन्होंने कहा, "ये बहुत ही बुरी बात है कि बोरिस जॉनसन गुरुद्वारे में आकर शराब को बढ़ावा देने वाली बातें कर रहे हैं।" बोरिस जॉनसन की ख़ास तौर पर इसलिए आलोचना हो रही है कि उनकी सास एक सिख महिला हैं। इसी बात का हवाला देते हुए लोग कह रहे हैं कि वे इतनी मामूली बात नहीं समझते कि गुरुद्वारे में शराब के बारे में बात करना ठीक नहीं है।
बोरिस जॉनसन की पत्नी मरीना व्हीलर हैं जिनके पिता अंग्रेज हैं और माँ दीप सिंह हैं जो भारतीय मूल की सिख महिला हैं। जब उन्हें टोका गया तो उन्होंने अपनी गलती ठीक कर ली। उन्होंने कहा, "मैं माफी चाहता हूँ, मैं अपनी बात रोचक तरीक़े से रखने की कोशिश कर रहा था लेकिन मैं आप लोगों का नजरिया समझता हूँ और उसकी इज्जत करता हूँ।"