ब्रेग्जिट के बाद ब्रिटिश सरकार की वीजा व आव्रजन नीति कैसी होने वाली है, इस पर बुधवार को वहां की संसद में सरकार ने एक श्वेत पत्र जारी किया। इस श्वेत पत्र में वीजा के लिए मूल देश की बजाय कौशल आधारित नीति अपनाए जाने के संकेतों से भारतीय छात्रों व पेशेवर कामगारों को बेहद लाभ होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।
ब्रिटेन के आगामी कौशल आधारित आव्रजन तंत्र को हाउस ऑफ कामंस (ब्रिटिश संसद का निचला सदन) में बुधवार को वहां के गृह सचिव साजिद जाविद ने पेश किया। इसमें दुनिया में कहीं के भी रहने वाले उच्च कौशल वाले अधिकतम 20,700 प्रवासियों को ही वीजा जारी करने के प्रतिबंध को हटाया गया है और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को शिक्षा के बाद काम की पेशकश में सुधार किया गया है।
इन दोनों प्रावधानों का सबसे ज्यादा लाभ भारतीय डॉक्टरों व आईटी पेशेवरों को होने की बात कही जा रही है। यह प्रस्ताव दिसंबर 2021 से लागू होने की संभावना है, जब ब्रिटेन के यूरोपियन संघ (ईयू) से बाहर निकलने (ब्रेग्जिट) का प्रस्तावित ट्रांजिशन पीरियड खत्म हो रहा है।