इंडोनेशिया में 10 साल पहले सुनामी जब पूरे बांदा एसेह इलाके को बहा ले गई थी, तब बसीरिया परिवार एक घर की छत पर फंसा हुआ था, पानी उनकी गर्दन तक पहुंच चुका था। तभी बचने का एक अद्भभुत जरिया मिला, एक नाव उनकी छत पर उतरी। लांपुलो गांव में बने नए मकानों के बीच एक अनोखा दृष्य आज भी मिलता है, दो घरों की छत पर मछली पकड़ने वाली एक नाव टिकी है।
नाव ने दी नई जिंदगी
25 मीटर लंबी लकड़ी की नाव सुनामी पर्यटन का एक बड़ा आकर्षण बन गया है। फलक से उतरी इस नाव ने 59 लोगों की जान बचाई थी। उनमें से एक स्थानीय व्यवसायी फौजिया बसीरिया है जिसका कहना है, "अगर वो नाव न आई होती तो हम सब डूब गए होते, क्योंकि हममें से किसी को भी तैरना नहीं आता था।"
बसीरिया की आंखों में आज भी आंसू आ जाते हैं जब वो उस खौफनाक दिन को याद करती हैं। वो कहती हैं ''भूकंप आने के कुछ ही देर बाद लोगों की चीखें सुनाई दी कि समुद्र का पानी हमारी तरफ आ रहा है। हम तो कुछ समझ ही नहीं पा रहे थे कि तभी हमने पानी को आते देखा।''