फेसबुक मैसेंजर पर क्रिप्टोकरेंसी (बिटकॉइन जैसी वर्चुअल मुद्राएं) वायरस डिगमाइन तेजी से फैला रहा है। दक्षिण कोरिया से शुरू हुआ यह वायरस वियतनाम, यूक्रेन, वियतनाम, फिलिपींस, थाइलैंड और वेनेजुएला में फैल चुका है और तेजी से दूसरे देशों की ओर बढ़ रहा है।
वेबसाइट ट्रेंड माइक्रो ने दावा है कि डिगमाइन गूगल क्रोम ब्राउजर पर चल रहे फेसबुक मैसेंजर के डेस्कटॉप वर्जन को निशाना बना रहा है। संक्रमित होते ही यह पीड़ित के कंप्यूटर की पॉवर को चुरा लेता है और बिना उसकी जानकारी के कंप्यूटर को क्रिप्टोकरेंसी माइनर में बदल देता है। ब्राउजर के नियंत्रित होते ही अपने आप दूसरी फाइलों की डाउन लोडिंग शुरू हो जाती है। फिर फेसबुक मैसेंजर के जरिए यूजर के दोस्तों को भी वायरस का लिंक पहुंचने लगता है।
इस सारी कंप्यूटर पॉवर का इस्तेमाल वायरस वर्चुअलकॉइन जेनरेट करने और लेन-देने की डिजिटल पुष्टि में करता है। यानी कंप्यूटर अपने आप वर्चुअल करेंसी की खरीदारी और लेन-देन शुरू कर देता है। विशेषज्ञों के मुताबिक बिटकॉइन की माइनिंग में ढेर सारी ऊर्जा खर्च होती है। इसलिए हैकर और अपराधी गैंग कंप्यूटर को निशाना बनाकर उनकी ऊर्जा का इस्तेमाल अपने के लिए माइनिंग यानी नई मुद्रा बनाने में कर रहे हैं। बिटकॉइन की लोकप्रियता बढ़ने से हैकर फिर से बेहद सक्रिय हो गए हैं। उनका निशाना वर्चुअल करेंसी की माइनिंग है।
बचाव में लगा फेसबुक
फेसबुक का कहना है कि विशेषज्ञ इस लिंक को फेसबुक और मैसेंजर पर फैलने से रोकने में लगे हैं। अगर उन्हें लगता है कि किसी यूजर के कंप्यूटर पर यह फैल रहा है तो उसे मुफ्त में एंटी वायरस मुहैया करा रहे हैं। वहीं फेसबुकडॉटकॉम/हेल्प पर इससे बचने के टिप्स भी दिए जा रहे हैं। इसके अलावा फेसबुक ने सलाह दी है कि उन लिंक पर न क्लिक करें, जिन्हें आप नहीं पहचानते हैं। जैसे, दिसवर्कस्टेशनडॉटस्पेस, माइबिगथिंकडॉटस्पेस और दिसडेफनीडेडॉटस्पेस।