इटली के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी को कर घोटाले के लिए दी गई जेल की सज़ा को बरकरार रखा है।
जब उनको पिछले साल अक्तूबर में दोषी पाया गया था तो उन्हें चार साल की सज़ा दी गई थी लेकिन बाद में 2006 के माफ़ी कानून के तहत उनकी सज़ा स्वत:घट कर एक साल रह गई थी।
उनकी अधिक आयु के कारण क्लिक करें बर्लुस्कोनी को जेल भेजने के बजाए घर में ही नज़रबंद रखा जाएगा या फिर उनसे सामुदायिक सेवा कराई जाएगी। वो 76 वर्ष के हैं।
हालांकि अदालत ने उस मूल सज़ा की समीक्षा करने करने का आदेश दिया है जिसके तहत उनके किसी सार्वजनिक पद पर रहने के लिए पाँच साल का प्रतिबंध लगा दिया गया था।
बर्लुस्कोनी के खिलाफ विभिन्न मामलो में चल रहे 30 अदालती मुकदमों में पहली बार उन्हें स्पष्ट सज़ा सुनाई गई है।
सार्वजनिक पदों पर रहने के पाँच साल के प्रतिबंध की अदालती समीक्षा के आदेश के कारण बर्लुस्कोनी फ़िलहाल सीनेटर और अपनी मध्य दक्षिणपंथी पार्टी के नेता के तौर पर बने रहेंगे।
राहत
रोम स्थित बीबीसी संवाददाता एलन जॉन्सटन का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री के लिए ये एक दुखदाई फ़ैसला है लेकिन उन्हें इस बात से राहत मिली होगी कि अदालत ने उन पर राजनीतिक प्रतिबंध लगाने के निर्णय की समीक्षा करने का आदेश दिया है।
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बर्लुस्कोनी का अभी भी इटली में ख़ासा असर है और वहाँ पर इस बात की चिंता है कि उन पर किसी तरह का राजनीतिक प्रतिबंध सरकार के स्थायित्व को ख़तरे में डाल सकता है।
अदालत के फ़ैसले के बाद इटली के राष्ट्रपति जॉर्जियो नपोलितानो ने वक्तव्य जारी कर देश के लोगों से शांत रहने के लिए कहा है।
दूसरे मामलों में बर्लुस्कोनी को नाबालिग वेश्याओं के साथ पैसा दे कर यौन संबंध बनाने का दोषी पाया गया है जिस के खिलाफ उन्होंने अपील कर रखी है।