इटली की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी को कर घोटाले के एक मामले में चार साल क़ैद की सज़ा सुनाई है। साथ ही बर्लुस्कोनी भविष्य में किसी भी पद नहीं ले पाएंगे। शुक्रवार को अदालत ने अमरीकी फ़िल्मों को टेलीविज़न पर दिखाए जाने के अधिकार ख़रीदने के एक मामले में बर्लुस्कोनी को दोषी क़रार दिया था।
लेकिन छह साल पहले बने एक माफ़ी क़ानून के तहत बर्लुस्कोनी की सज़ा की मियाद सिर्फ़ एक साल ही रह गई है। इस क़ानून का मक़सद जेल में कैदियों की संख्या कम करना था। बीबीसी के इटली संवाददाता के मुताबिक 76-वर्षीय बर्लुस्कोनी के जेल जाने की संभावना बहुत कम है क्योंकि माना जा रहा है कि वो इस फ़ैसले के खिलाफ़ अपील करेंगे और इस प्रक्रिया में कई साल लग सकते हैं।
इसके अलावा इटली का क़ानून 70 साल से बड़ी उम्र के लोगों के साथ नर्मी से पेश आता है और सिर्फ़ उन्हीं लोगों को जेल भेजा जाता है जो समाज के लिए ख़तरा हो सकते हैं।
जांच
बर्लुस्कोनी के व्यवसाय से जुड़े कई मामलों में उनके ख़िलाफ़ जांच चल रही थी। कई मामलों में या तो वे बरी हो गए या फिर कुछ मामले समय समाप्त होने के कारण बंद करने पड़े। इटली के क़ानून के अनुसार भ्रष्टाचार या कर की हेराफेरी के कई मामलों की जांच एक तय समयसीमा के अंतर्गत होनी चाहिए नहीं तो फिर जांच बंद करनी पड़ती है।
शुक्रवार को अदालत ने जिस मामले में बर्लुस्कोनी को सज़ा सुनाई उसमें अभियोजन पक्ष का कहना था कि फ़िल्म अधिकार ख़रीदने के लिए जो पैसे दिखाए थे उनका कुछ हिस्सा दूसरे फंड बनाने में इस्तेमाल किया था। इस कारण उन पर लगे कर में कमी हो गई थी।
अभियोजन पक्ष ने बर्लुस्कोनी को तीन साल आठ महीने क़ैद की सज़ा दिए जाने की अपील की थी लेकिन अदालत ने उन्हें उससे भी ज़्यादा चार साल क़ैद की सज़ा सुनाई। इस मामले की सुनवाई छह साल पहले शुरू हुई थी।