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गुजरात दंगों के आधार पर विदेशी वैज्ञानिकों ने बनाया खास एआई सिस्टम

Mon, 05 Nov 2018 12:23 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी
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भारत के गुजरात में 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगों को बेहद खौफनाक घटना के तौर पर जाना जाता है, जिसमें गोधरा में कार सेवकों से भरी ट्रेन जला देने के बाद तीन दिन के अंदर दो संप्रदायों के 2 हजार से ज्यादा लोग मार दिए गए थे। ऐसे खतरनाक धार्मिक टकरावों के पीछे क्या कारण होते हैं या कौन सी परिस्थिति होती है, इसका जवाब तलाशने के लिए ब्रिटेन की आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने गुजरात दंगे को आधार बनाकर एक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) सिस्टम तैयार किया है।

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ये दावा द जर्नल फॉर आर्टिफिशियल सोसाइटीज एंड सोशल स्टिमुलेशन में प्रकाशित एक अध्ययन में किया गया है। इस अध्ययन में इस एआई सिस्टम का जिक्र करते हुए दावा किया गया है कि यह सिस्टम धार्मिक हिंसाओं के होने के कारणों को ज्यादा अच्छी तरह समझ सकता है। अध्ययन में दुनिया की सबसे खराब सांप्रदायिक हिंसाओं में से दो को केंद्र बनाकर अपनी थ्योरी पेश की गई है। 

इनमें से एक उदाहरण गुजरात दंगे का दिया गया है। दूसरे उदाहरण के तौर पर उत्तरी आयरलैंड की अशांति की बात की गई है, जिसमें करीब 3 दशक तक ब्रिटिश सेना, रिपलब्लिकन और लॉयलिस्ट अर्धसैनिक समूहों के बीच चली हिंसा में करीब 3500 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 47 हजार से ज्यादा घायल हो गए थे।
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शांत होता है इंसान, अस्तित्व पर संकट से पनपी एकता कराती है दंगा

इस एआई सिस्टम को तैयार करने वाले शोधकर्ताओं का मानना है कि इंसान सामान्य तौर पर शांतिपूर्ण प्रवृत्ति वाली प्रजाति है। लेकिन अस्तित्व पर आने वाले संकट के समय लोगों के बीच एकता पनपती है और वे एकसाथ जुटकर हिंसा करने के लिए तैयार हो जाते हैं। शोध में सांप्रदायिक हिंसा की उन परिस्थितियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो जेनोफॉबिक सामाजिक चिंताओं की दो खास स्टेज को तैयार करती हैं, जिसके बाद हिंसा का चरम स्तर शुरू हो जाता है। ऐसे ही तमाम कारणों की व्याख्या इस शोध के दौरान तैयार एआई सिस्टम करता है।

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