भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून को नीदरलैंड पहुंचे थे। दुनियाभर में बदलाव के दौर से गुजर रही आर्थिक और व्यावसायिक नीतियों के बीच भारत का यूरोपीय संघ की ओर रुझान बढ़ना लाजिमी है।नीदरलैंड को यूरोप के द्वार के रूप में जाना जाता है ऐसे में भारत-नीदरलैंड द्विपक्षीय संबंध यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध में व्यापक भूमिका अदा कर सकता है।
पीएम मोदी की हालिया नीदरलैंड यात्रा इसलिए भी अहम थी, क्योंकि दोनों देश इस साल राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच 400 साल पुराने ऐतिहासिक संबंध हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के जरिए दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक नई शुरुआत की है। दोनों देशों के बीच स्थिर राजनीतिक-व्यावसायिक माहौल, खुलापन और व्यापार करने की इच्छा जैसी कई समानताएं हैं।
कुछ ऐसे क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां आपसी साझेदारी के जरिए दोनों देश अपनी क्षमताओं का उपयोग कर एक दूसरे के विकास में सहयोग कर सकते हैं। स्मार्ट सिटी, ऊर्जा का समुचित उपयोग, जल संवर्धन और गंगा सफाई जैसे क्षेत्रों में दोनों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।
नीदरलैंड भारत के साथ यूरोपीय व्यापार का प्रमुख केंद्र है। भारत और यूरोप के बीच होने वाले कुल व्यापार का 20 प्रतिशत नीदरलैंड के रोटरडैम बंदरगाह के जरिए होता है। नीदरलैंड भारत में चौथा सबसे बड़ा निवेशक है। नीदरलैंड उन पांच देशों में भी शामिल है जिनके साथ भारत का संतुलित व्यापार है।
नीदरलैंड यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नीदरलैंड के किंग और क्वीन से भी मिले थे। उन्होंने पीएम मोदी को नीदरलैंड के पीएम मार्क रूटी और 14 प्रमुख कंपनियों के सीईओ के साथ लंच पर आमंत्रित किया था। इसके बाद पीएम मोदी ने 3 हजार भारतीयों को संबोधित किया।
उनकी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच तीन एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। पहला समझौता दोनों देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा, दूसरा जल संसाधन पर सहयोग और तीसरा सांस्कृतिक सहयोग से संबंधित था। पीएम मोदी के इस अल्प प्रवास का दोनों देशों के संबंधों पर बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इसके जरिए दोनों देशों के बीच व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों का नया अध्याय शुरू हुआ है। पीएम की यात्रा का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था।
अपनी यात्रा के दौरान पीएम ने एसोचेम यूरोप के अध्यक्ष डॉ विकास चतुर्वेदी से भी मुलाकात की। पिछले एक दशक में डॉ चतुर्वेदी ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूती प्रदान करने में विशेष भूमिका अदा की है। डॉ चतुर्वेदी एक अंतरराष्ट्रीय टैक्स और वित्त सलाहकार हैं। उन्होंने कई मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशन और कई शासकीय संस्थानों में सलाहकार की भूमिका अदा की है। उन्होंने 100 से ज्यादा कंपनियों की भारत-नीदरलैंड के बीच व्यापार करने में सहयोग किया है। दोनों देशों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ करने में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए उन्हें कई संस्थानों ने सम्मानित किया है। डॉ चतुर्वेदी मथुरा के डंपियर नगर के रहने वाले हैं।