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ग्रीस में ढूंढ निकाला अरस्तू का 2400 साल से खोया मकबरा !

Wed, 01 Jun 2016 02:24 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला,नई दिल्ली
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384 साल ईसा पूर्व पैदा हुए थे अरस्तू - फोटो : forbes
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विश्व में कुछ विद्वान ऐसे भी हुए हैं जिनका लोहा पूरी दुनिया मानती है और कई विद्वानों की काबिलियत पर आज भी शक नहीं किया जाता है। ऐसे ही विद्वानों की फेहरिस्त में 'अरस्तू' का नाम अगर सबसे ऊपर रखा जाए तो किसी को आश्चर्य नहीं होगा। अरस्तू  2,400 साल बीत जाने के बाद आज भी काफी लोकप्रिय हैं। 
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384 साल ईसा पूर्व पैदा हुए अरस्तू की ग्रीस में हाल ही में 2,400 वर्षगांठ मनाई गई है। ग्रीस में पुरातत्विदों ने घोषणा की है कि पश्चिमी सभ्यता के जनक अरस्तू का 'मकबरा' खोज लिया गया है। कहा जा रहा है कि इस मकबरे की पहचान सबसे पहले पुरातत्विद चार्ल्स वालडस्टीन ने की थी। 

ग्रीस वासियों के लिए यह बड़ी बात मानी जा रही है क्योंकि आइंस्टीन और शेक्सपियर तो हमेशा खबरों में रहते हैं लेकिन ग्रीस के अरस्तू को खबरों में जगह नहीं मिलती। मकबरे के बहाने ही सही अरस्तू अब खबरों में आ गए हैं। 20 वर्षों से अरस्तू के मकबरे को लेकर काम कर रहे 'कोंसाटानटियस' और उनकी टीम का मानना है कि जो मकबरा खोजा गया है वहीं अरस्तू को दफ्न किया गया था। 
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कोंसाटानटियस ने गार्जियन से बातचीत में कहा कि, 'कोई ठोस सबूत तो नहीं हैं लेकिन स्पष्ट संकेत हैं कि मकबरा अरस्तू का है। अरस्तू की मौत चालकीज आइलैंड पर हुई थी और अरस्तू को स्टागिरा शहर में दफ्न किया गया था जिस शहर में उनका जन्म हुआ उसी शहर में उनका मकबरा है।'

ग्रीस के लोग कह रहे हैं कि अगर यह सुनिश्चित हो जाता है कि खोजा गया मकबरा अरस्तू का है तो इस जगह को पर्यटल स्थल घोषित किया जाना चाहिए। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नगर परिषद को मकबरे के खास ख्याल रखना चाहिए। 
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