लंदन के किंग एडवार्ड सप्तम अस्पताल ने ऑस्ट्रेलिया के उस रेडियो स्टेशन से गहरी नाराजगी जताई है जिसने डचेज ऑफ कैम्ब्रिज के बारे में एक फर्जी फोन कॉल की बातचीत को प्रसारित कर दिया।
इस फर्जी फोन कॉल का जवाब देने वाली भारतीय मूल की नर्स जैसिन्था सैल्दान्हा पिछले दिनों मृत पाई गईं, जिसे संभवतः आत्महत्या माना जा रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के 2डे एफएम के दो प्रस्तोताओं ने महारानी और प्रिंस चार्ल्स बन कर अस्पताल में फोन किया, जहां गर्भवती डचेज अपना इलाज करा रही थीं।
फोन रिसीव करने वाली नर्स सैल्दान्हा ने समझा कि फोन शाही परिवार से आया है और उन्होंने केट की तबीयत के बारे में रेडियो स्टेशन को सारी जानकारी दे दी। बाद में इस बातचीत को रेडियो पर प्रसारित किया गया।
'त्रासदी'
अस्पताल के अध्यक्ष लॉर्ड ग्लेनआर्थर ने 2डे एफएम को चलाने वाली कंपनी सदर्न क्रॉस ऑस्ट्रेरो को पत्र लिख कर अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि उनके इस कदम से हुई 'क्षति को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।'
उन्होंने कहा, “किंग एडवार्ड सप्तम अस्पताल बीमार लोगों की देखभाल करता है। आपके प्रस्तोताओं ने हमारी एक मरीज तक पहुंचने के लिए झूठ बोलकर अत्यंत मूर्खता का परिचय दिया।”
इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई रेडियो स्टेशन ने नर्स की मौत को एक 'त्रासदी' बताया।
सदर्न क्रॉस ऑस्ट्रेरो के प्रमुख रायस हॉलेरन ने कहा कि मेल ग्रेग और माइकल क्रिस्चियन नाम के रेडियो प्रस्तोता 46 वर्षीय नर्स जैसिन्था सैल्दान्हा की मौत से गहरे सदमे में हैं।
इन्हीं रेडियो प्रसारकों ने मंगलवार को लंदन के अस्पताल में फर्जी फोन कॉल की थी।
नहीं की शिकायत
डचेज ऑफ कैम्ब्रिज को पिछले सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और गुरुवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई।
बीबीसी के शाही परिवार संवाददाता पीटर हंट का कहना है कि सैल्दान्हा शादीशुदा थी और उनके दो बच्चे हैं।
बीबीसी को पता चला है कि सैल्दान्हा को अस्पताल से न तो निलंबित किया गया था और न ही किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
शाही महल के प्रवक्ता का कहना है कि इस घटना के बारे में अस्पताल से कभी कोई शिकायत नहीं की गई। बयान के अनुसार, “उल्टे हम इस घटनाक्रम से जुड़ी नर्सों और कर्मचारियों के साथ पूरा समर्थन जताते हैं।”