ब्रिटेन में एक महिला ने अपनी सहेली पर महज़ इसलिए तेज़ाब फेंक दिया क्योंकि उस सहेली ने महिला को बदसूरत कह दिया था। स्कॉटलैंड में 22 वर्षीय मैरी कोन्ये को उनकी सहेली नाओमी ओनि ने कथित तौर पर बदसूरत कह दिया जिसके बाद यह घटना हुई।
मैरी ने ऑफ़िस से घर की तरफ़ लौटते समय बुरके में नाओमी का पीछा करके हमला किया। इस मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने मैरी कोन्ये को 12 साल की सज़ा सुनाई।
नाओमी ओनि ने बीबीसी को एक कार्यक्रम में आपबीती सुनाते हुए कहा कि 2012 में एसिड अटैक के बाद उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना पर कार्रवाई करने में पुलिस ने सुस्ती दिखाई थी।
अटैक से पहले घर तक किया था पीछा
समाचार एजेंसी की मिशेल हुसैन से बातचीत में ओनि ने बताया, "मुझे महसूस हुआ, मानो मैं ही झूठ बोलने की दोषी हूँ।" 22 वर्षीय ओनि ने कहा, "पुलिस मेरे ऊपर ही ऐसा करने का आरोप लगा रही थी, जबकि मैं उनसे कह रही थी किसी ने मेरे ऑफ़िस से घर तक मेरा पीछा किया।
उन्होंने बताया, "मैं अदालत में सीसीटीवी फ़ुटेज देखने के बाद सोचने लगी कि मैंने वही कहा जो घटित हुआ है, तो फिर यह फ़ैसला कहां से आ रहा है?"
सीसीटीवी फ़ुटेज में उनकी दोस्त को बुरका पहनकर ओनि का पीछा करते दिखाया गया था। जब ओनि ऑफ़िस से घर की ओर लौट रही थीं, विक्टोरिया की सीक्रेट शॉप के पास दिसंबर 2012 में यह घटना घटी।
'किसी के पास कोई जवाब नहीं'
ओनि का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने उनके द्वारा बताई गई परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई नहीं की। मुझे बताया गया, "उन्होंने सारी सीसीटीवी फ़ुटेज देखी है। इसमें उन्होंने किसी को मेरा पीछा करते हुए नहीं देखा।"
ओनि कहती हैं, "हम सबने सीसीटीवी फ़ुटेज देखी। वहां एक व्यक्ति बुरके में मेरा पीछा कर रहा था।" उनका कहना था, "यह सबकुछ शुरुआत में क्यों नहीं खोजा गया? मेरे इस सवाल का किसी के पास कोई जवाब नहीं है।"
उन्होंने बताया कि अदालत में इस बात पर बहस हो रही थी कि मैंने खुद को मशहूर बनाने और किस्मत चमकाने के लिए ऐसा किया है। इसी तरह की एक घटना में कैटी पाइपर नाम की एक महिला अंधी हो गई थीं।
तेजाब से कई अंग झुलस गए
ओनि को पैरों, सीने, पेट और बांहों पर तेज़ाब से झुलसने के कारण स्थाई दाग बन गए हैं और अपनी एक आँख से वह करीब-करीब अंधी हो गईं। उनको घर से बाहर निकलने के लिए अपने चेहरे को ढकना पड़ता है।
पुलिस ने एक वक्तव्य में कहा, "जाँच के शुरुआती दौर में सभी संभावनाओं का ध्यान रखा गया। यह जाँच काफ़ी विस्तृत व जटिल थी। अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि वे खुले दिमाग़ से परिस्थिति की जाँच करें।" पुलिस के मुताबिक़ जाँच के दौरान घर-घर जाकर लोगों से पूछताछ की गई और लोगों के बयान दर्ज किए।
उन्होंने अपनी परेशानी के बारे में कहा, "सीसीटीवी फ़ुटेज का मिलान और विश्लेषण करने में कुछ समय लगा। लेकिन बाद में उन्होंने पीड़िता का पीछा करने वाले बुरका पहने संदिग्ध की पहचान की। जाँच आगे बढ़ने के बाद कोन्ये की गिरफ़्तारी हुई थी।"