बेहतर भविष्य की तलाश या मौत का सफर? क्षमता से अधिक भरी नावों में दम तोड़ते लोग और समुद्री लहरों के बीच उठते सवाल प्रशासन की सख्ती को चुनौती दे रहे हैं। फ्रांस से इंग्लिश चैनल पार कर ब्रिटेन जाने की कोशिश कर रहे प्रवासियों के साथ जो हादसा हुआ है, क्या उससे सबक लिया जाएगा?
फ्रांस से इंग्लिश चैनल पार कर ब्रिटेन जाने की कोशिश कर रहे प्रवासियों के साथ एक बड़ा हादसा हो गया है। उत्तरी फ्रांस के समुद्र तट पर एक छोटी नाव के दुर्घटनाग्रस्त होने से दो महिलाओं की मौत हो गई और 16 लोग घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, घायलों में से तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
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दम घुटने से गई जान
समाचार एजेंसी एपी को पास-दे-कैलेस प्रांत के महासचिव क्रिस्टोफ मार्क्स ने बताया कि यह नाव 82 लोगों को लेकर रात के समय हार्दलोट बीच से रवाना हुई थी। बंदरगाह शहर बूलोन-सुर-मेर से कुछ किलोमीटर दक्षिण में नाव का इंजन फेल हो गया और वह लहरों के साथ बहने लगी। फ्रांसीसी समुद्री पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 17 लोगों को बचाया, जबकि बाकी 65 लोगों के साथ नाव किनारे पर आ फंसी।
महासचिव मार्क्स ने बताया कि मृत पाई गई दोनों महिलाएं सूडान की रहने वाली थीं और उनकी उम्र 20 वर्ष के आसपास थी। उनकी मौत दम घुटने या दबने के कारण हुई है। उन्होंने कहा, 'जैसा कि अक्सर क्षमता से अधिक भरी हुई नावों में होता है, लोग एक-दूसरे के नीचे दब जाते हैं या उनका दम घुटने लगता है।'
ईंधन से झुलसे लोग
इस हादसे में घायल हुए लोगों में से तीन की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। यह पिछले एक महीने में इंग्लिश चैनल पार करने के दौरान हुई तीसरी बड़ी जानलेवा घटना है। इससे पहले भी दो अलग-अलग हादसों में कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है, जिसमें एक सूडानी नागरिक को गिरफ्तार भी किया गया था।
ब्रिटेन और फ्रांस के बीच हुआ समझौता
हाल ही में ब्रिटेन और फ्रांस के बीच प्रवासियों की संख्या कम करने के लिए एक बड़ा समझौता हुआ है, जिसके तहत निगरानी और पुलिस गश्त बढ़ाई गई है। इस साल अब तक 6,000 से अधिक प्रवासी ब्रिटेन पहुंचे हैं, जो पिछले साल की तुलना में 36 प्रतिशत कम है। हालांकि, सहायता समूह 'यूटोपिया 56' का दावा है कि पिछले तीन वर्षों में इस सीमा पर 172 लोगों की जान जा चुकी है।