कोरोना वायरस की शुरुआत के बाद से ही दुनियाभर में लोगों से मास्क लगाने की अपील की जा रही है। हालांकि, लोगों के बीच इस बात को लेकर डर है कि कहीं ज्यादा लंबी अवधि तक मास्क लगाने से उनकी श्वसन क्षमता ना प्रभावित हो जाए। वहीं, इस बात को गलत साबित करने के लिए इंग्लैंड में एक डॉक्टर ने मास्क लगाकर 22 मील तक दौड़ लगाई, ताकि मास्क को लेकर लोगों के डर को खत्म किया जा सके।
इंग्लैंड में टॉम लॉटन नाम के एक डॉक्टर इस बात को साबित करना चाहते थे कि मास्क लगाने से इंसान की श्वसन क्षमता खराब या प्रभावित नहीं होती है। इसके लिए उन्होंने अपने चेहरे पर मास्क लगाया और 22 मील तक दौड़ लगाई।
इस दौरान, डॉक्टर लॉटन ने अपने ऑक्सीजन लेवल पर नजर रखने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर का प्रयोग किया। पल्स ऑक्सीमीटर का प्रयोग इंसान की लाल रक्त कोशिकाओं में ऑक्सीजन की सैचुरेशन मापने के लिए किया जाता है और आमतौर पर इसकी क्लिप को उंगलियों पर लगाया जाता है।
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डॉक्टर लॉटन ने पिछले महीने ट्वीट किया था, 'दौड़ने के दौरान मैंने मास्क को बिल्कुल भी नहीं उतारा, ना ही इस दौरान मैंने कुछ खाया-पीया और मैंने जब भी ऑक्सीजन लेवल की जांच की यह 98 फीसदी पर बना रहा।'
रविवार को एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में लॉटन ने कहा, वह लोगों को यह दिखाना चाहते थे कि मास्क पहनना सुरक्षित है और कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में एक जरूरी हथियार है।
दुनियाभर में स्वास्थ्य अधिकारियों की तरफ से लगातार लोगों को मास्क लगाने को कहा जा रहा है, ताकि वे खुद के साथ-साथ दूसरों की भी सुरक्षा कर सकें। लेकिन हाल के कुछ दिनों में इन दिशानिर्देशों को लेकर विवाद खड़ा हो गया और लोगों ने मास्क लगाने से इनकार करना शुरू कर दिया।
लॉटन ने कहा, मैं बहुत ही ज्यादा निराश हुआ, जब मैंने कुछ तस्वीरों को देखा। इन तस्वीरों में लोग मास्क पहनकर डेस्क पर बैठे थे और दावा कर रहे थे कि मास्क लगाने से उनका ऑक्सीजन स्तर गिरा है।
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इन सब चीजों को देखते हुए लॉटन ने एक दिन अपने तीन लेयर वाले कपड़े के मास्क को पहना और अपनी ऑक्सीजन लेवल की निगरानी करते हुए कार्यालय तक 8 मील की दौड़ लगाई। दफ्तर में काम खत्म करने के बाद, उन्होंने 14 मील की और दौड़ लगाई। हालांकि, उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि मास्क लगाना असुविधाजनक था, लेकिन लॉटन ने यह भी कहा कि इस दौरान उनके ऑक्सीजन लेवल में कोई गिरावट नहीं हुई।
लॉटन ने कहा, मुझे नहीं लगता कि अकेले मास्क लगाने से कोरोना से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा, कोरोना से पूरी तरह लड़ने के लिए हमें एक-दूसरे से उचित दूरी, आइसोलेशन का पालन, हाथ धोना और मास्क पहनना पड़ेगा।