अमेरिका ने उन सभी राष्ट्रों को साथ में आगे बढ़ने को कहा है जो मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने का समर्थन कर रहे हैं। इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास में दक्षिण और मध्य एशियाई मामले की प्रिंसिपल डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एलाइस वेल्स ने कहा है, "हम सभी पक्षों (राष्ट्रों) को अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए एक साथ आगे बढ़ने को कहेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारा मानना है कि प्रक्रिया (अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की प्रक्रिया) प्राकृतिक रूप से तकनीकी होनी चाहिए। सबूतों का मूल्यांकन करना, संयुक्त राष्ट्र के कार्य की प्रक्रिया में राष्ट्रों का सुनिश्चित होना। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय किसी भी आतंकवादी के खिलाफ सुधारात्मक कार्रवाई करने में सक्षम है। वो फिर चाहे जो भी हो और कहीं भी हो।"
इससे पहले मंगलवार को चीन ने कहा था कि इसका सही हल निकाला जाएगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा था, 'मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि मेरा विश्वास है कि इसका सही ढंग से समाधान निकाला जाएगा। मेरा मानना है, सभी पक्षों के संयुक्त प्रयासों से, इस मुद्दे को हल किया जा सकता है।'
हालांकि, चीन ने इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की है। पुलवामा समेत कई आतंकी हमलों के दोषी अजहर को चीन चार बार बचा चुका है। वहीं पुलवााम हमले के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस संयुक्त राष्ट्र में अजहर के खिलाफ प्रस्ताव लेकर आए थे। ऐसे में चीन पर ना केवल भारत बल्कि अन्य देशों का दबाव भी बना हुआ है।
आज यानी बुधवार को संयुक्त राष्ट्र संघ की महत्वपूर्ण 1267 समिति की बैठक है। पिछली बार चीन ने अपने वीटो का इस्तेमाल करके अजहर को बचा लिया था। उसने अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने पर तकनीकी रोक लगा दी थी। लेकिन इस बार चीन नरम पड़ता दिख रहा है।