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NATO Summit 2026: स्पेन पर क्यों भड़के ट्रंप? व्यापार बंद करने की दी धमकी, बताया खराब साझेदार

Wed, 08 Jul 2026 06:00 PM IST
निर्मल कांत एएनआई, अंकारा (तुर्किये)।

सार

नाटो शिखर सम्मेलन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर स्पेन पर बिफर पड़े। उन्होंने मैड्रिड से व्यापार बंद करने की धमकी दी और उसे नाटो का खराब साझेदार बताया। पढ़िए रिपोर्ट-
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एक्स/डोनाल्ड ट्रंप
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के अंदर रक्षा खर्च को लेकर स्पेन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने स्पेन को एक नाकाम साझेदार बताया और कहा कि अमेरिका अब उसके साथ व्यापार नहीं करेगा।
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2026 के नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान नाटो महासचिव मार्क रूटे के साथ मुलाकात के समय ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत की।  ट्रंप ने सैन्य गठबंधन में स्पेन की भूमिका की आलोचना की। उन्होंने स्पेन को 'नाकाम साझेदार' बताया और कहा कि वह स्पेन के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहते।

ट्रंप ने स्पेन को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने कहा, स्पेन से अब कोई उम्मीद नहीं है। वैसे, हम अब स्पेन के साथ कोई व्यापार नहीं करना चाहते। स्पेन नाटो में एक खराब साझेदार है। वे न तो हिस्सा लेते हैं और न ही पैसे देते हैं। मैं स्पेन के साथ कुछ भी नहीं करना चाहता। 
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स्पेन ने नाटो के नए रक्षा खर्च के लक्ष्य को नहीं किया था स्वीकार
स्पेन नाटो का एकमात्र सदस्य देश है, जिसने गठबंधन के नए रक्षा खर्च के लक्ष्य को स्वीकार करने से इनकार किया है। यह लक्ष्य पिछले साल 2025 के हेग शिखर सम्मेलन में घोषित किया गया था। इसमें नाटो देशों ने 2035 तक अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का पांच फीसदी रक्षा पर खर्च करने का लक्ष्य तय किया था।

ये भी पढ़ें: क्या टूट गया ईरान-अमेरिका समझौता? ट्रंप को आया गुस्सा, कहा- तेहरान के साथ वार्ता समय की बर्बादी

मैड्रिड ने एक छूट हासिल की है, जिसके तहत वह अपने सैन्य खर्च को जीडीपी के 2.1 फीसदी तक सीमित रख सकता है। उसे पांच फीसदी के लक्ष्य को अपनाने की जरूरत नहीं होगी। जीडीपी के हिसाब से रक्षा खर्च करने वाले देशों में स्पेन नाटो के सबसे कम खर्च करने वाले देशों में शामिल है।

यूरोपीय देशों की क्यों आलोचना कर रहे ट्रंप?
  • ट्रंप लगातार यूरोपीय सहयोगी देशों की आलोचना करते रहे हैं।
  • ट्रंप का कहना है कि ये देश सामूहिक सुरक्षा के लिए पर्याप्त योगदान नहीं दे रहे हैं।
  • अपने पूरे राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ट्रंप नाटो सदस्य देशों से रक्षा खर्च बढ़ाने की मांग करते रहे हैं।
  • उन्होंने कई बार आरोप लगाया कि कुछ सहयोगी देश सुरक्षा के लिए अमेरिका पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हैं।

हाल के महीनों में स्पेन को क्यों बनाया निशाना?
ट्रंप ने हाल के महीनों में भी कई बार स्पेन को निशाना बनाया है। खासकर दोनों देशों की विदेश नीति में मतभेदों को लेकर उन्होंने स्पेन की आलोचना की है। 

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज उन कुछ यूरोपीय नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी। इसके अलावा, स्पेन सरकार के उस फैसले से भी अमेरिका के साथ संबंधों में तनाव बढ़ा, जिसमें दक्षिणी स्पेन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान पर हमले के समर्थन में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली विदेश में बनाने का लाइसेंस देगा। इसका मकसद रूस के मिसाइल हमलों का मुकाबला करने में यूक्रेन की मदद करना है। रूस-यूक्रेन युद्ध अब पांचवें साल में पहुंच चुका है और यूक्रेन को लंबे समय से इस तकनीक की जरूरत थी।

ट्रंप ने यह घोषणा जेलेंस्की से मुलाकात के समय की। उन्होंने युद्ध में जेलेंस्की के काम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बेहतरीन काम किया है और काफी प्रभावी रहे हैं। प ने कहा, म उन्हें पैट्रियट प्रणाली बनाने का अधिकार देंगे। हम उन्हें बताएंगे कि इसे कैसे बनाया जाता है।
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जेलेंस्की लंबे समय से ज्यादा पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों की मांग कर रहे हैं। यह प्रणाली महंगी है, इसकी मांग बहुत ज्यादा है और इसे तैयार करने में काफी समय लगता है। वह लगातार यूक्रेन को इस तकनीक के निर्माण का लाइसेंस देने की मांग कर रहे थे।
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