टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और निवेशक विनोद खोसला के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। विनोद खोसला ने जहां मस्क को नस्लवादी करार दिया था वहीं मस्क ने विनोद खोसला को घमंडी कहा है। मस्क पिछले कुछ समय से इमिग्रेशन (आप्रवासन) पर काफी खुलकर बोल रहे हैं। उनका मानना है कि बहुत ज्यादा और अनियंत्रित प्रवासन से समाज में अस्थिरता आ सकती है।
अरबपति कारोबारी एलन मस्क और निवेशक विनोद खोसला के बीच नस्ल को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस हो गई। मामला तब शुरू हुआ जब एलन मस्क ने एक पोस्ट में लिखा कि 'दुनिया की आबादी में श्वेत लोगों की संख्या तेजी से कम होती जा रही है।'
मस्क पर विनोद खोसला ने लगाए आरोप
इस पर विनोद खोसला ने मस्क को नस्लवादी कह दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्क, मागा (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) की जगह वागा यानी व्हाइट अमेरिका ग्रेट अगेन का एजेंडा चलाना चाहते हैं। इतना ही नहीं, खोसला ने टेस्ला और स्पेसएक्स में काम करने वाले गैर-श्वेत कर्मचारियों और अच्छे श्वेत लोगों से नौकरी छोड़कर उनकी कंपनियों में आने की अपील तक कर दी। उन्होंने कहा, 'टेस्ला और स्पेसएक्स के सभी गैर-श्वेत और अच्छे श्वेत लोग नौकरी छोड़ें और हमारे साथ जुड़ें। अपना लिंक्डइन हमें ईमेल करें।'
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एलन मस्क ने विनोद खोसला को कहा घमंडी
इस पर एलन मस्क ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने विनोद खोसला को घमंडी कहा और गुस्से में लिखा कि 'तुम पूरी तरह गलत रास्ते पर चले गए हो। मेरी पार्टनर शिवॉन आधी भारतीय हैं और उनसे मेरा जो बड़ा बेटा है, उसका नाम महान भारतीय भौतिक वैज्ञानिक चंद्रशेखर के सम्मान में रखा गया है।' मस्क ने यह बात इसलिए कही ताकि यह दिखा सकें कि वह किसी भी तरह से नस्लवादी नहीं हैं। उनका कहना है कि उनकी चिंता नस्ल को लेकर नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा, आर्थिक बोझ और सामाजिक संतुलन को लेकर है।
हाल ही में मस्क को एक और पोस्ट पर समर्थन देने के लिए आलोचना झेलनी पड़ी थी। उस पोस्ट में कहा गया था कि अगर श्वेत पुरुष अल्पसंख्यक बन गए तो उन्हें अस्तित्व का खतरा हो सकता है। मस्क ने उस पोस्ट पर '100' वाला इमोजी लगाया था, जिसे लोगों ने समर्थन के रूप में देखा।