जैक मा और एलन मस्क की ये चिंताएं उन जनसंख्या विशेषज्ञों की भविष्यवाणियों से भी मेल खाती हैं जिनका तर्क है कि दुनिया में लोगों की आबादी का इस सदी के अंत तक बढ़ना बंद हो जाएगा। वे इसकी बड़ी वजह विश्व भर में गिरती प्रजनन दर को बताते हैं। फिलहाल दुनिया में सिर्फ अफ्रीका ही है जहां 21वीं सदी के शेष बचे वर्षों में अच्छी प्रजनन दर बरकरार रहने का अनुमान है।
आबादी में गिरावट चीन के लिए समस्या
जैक मा ने बताया कि चीन में जनसंख्या का गिरना बाकी देशों के मुकाबले कहीं ज्यादा असर डालेगा। चीन के लिए यह एक बड़ा संकट इसलिए भी है क्योंकि पिछले चार दशकों में चीन के तेज आर्थिक विकासमें युवा आबादी का बड़ा हाथ रहा है। अब ये युवा बुढ़ापे की ओर बढ़ चुके हैं और कामगारों में बुजुर्गों की तादाद काफी बढ़ चुकी है। जबकि अब युवाओं की आबादी गिरने से एक बड़ी मानवीय त्रासदी पैदा हो सकती है। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं छह-सात साल ज्यादा जीती हैं। जनसंख्या में कमी के कारण वे और भी ज्यादा प्रभावित होंगी।