Bangladesh Chief of Army Staff: बांग्लादेश में सब कुछ ठीक नहीं है। वहीं देश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान ने इस साल दिसंबर तक चुनाव कराने की इच्छा जताई है। इसके साथ ही उन्होंने 'भीड़ के हिंसा' पर कहा, सेना अब कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख करेगी।
बांग्लादेश की मौजूदा सियासी अशांति और अंतरिम सरकार की ओर से अगले संसदीय चुनावों के लिए स्पष्ट रोडमैप की घोषणा में नाकामी के बीच, देश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान ने इस साल दिसंबर तक चुनाव कराने की इच्छा जताई है। सेना प्रमुख ने अंतरिम सरकार से कहा है कि सिर्फ निर्वाचित सरकार ही देश के भविष्य की दिशा निर्धारित करने संबंधी फैसले ले सकती है।
जनरल वकार-उज-जमान ढाका छावनी के सेना परिसर में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कुछ अन्य मुद्दों का भी जिक्र किया, जिनमें म्यांमार के रखाइन प्रांत में मानवीय गलियारा भी शामिल है। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार इस गलियारे का समर्थन कर रही है, जबकि सेना प्रमुख का कहना है कि इस पर निर्वाचित सरकार ही निर्णय ले सकती है। दैनिक 'प्रोथोम अलो' ने उनके हवाले से कहा, इस मामले पर उनकी स्थिति पहले जैसी ही है।
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कई दलों ने दिसंबर तक चुनाव कराने की मांग
एक निर्वाचित सरकार को देश के भविष्य की दिशा निर्धारित करने का अधिकार है। रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) समेत कई राजनीतिक दल दिसंबर तक संसदीय चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, नेशनल सिटिजन्स पार्टी (एनसीपी), जो छात्रों की तरफ से संचालित एक नई पार्टी है, जिसके कारण शेख हसीना को पीएम पद से हटाया गया, चुनावों से पहले बुनियादी सुधार चाहती है।
अंतरिम सरकार में सब कुछ ठीक नहीं- सेना
सेना प्रमुख के बयान के बाद अंतरिम सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान ने कहा, मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि किसी भी तरह के गलियारे की बात हमने किसी से नहीं की है। जबकि सेना प्रमुख ने अंतरिम सरकार के प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा, सरकार में कुछ विदेशी लोग गैर-जिम्मेदाराना काम कर रहे हैं। सेना और सरकार के बीच ऐसी बातें बताती हैं कि बांग्लादेश में सब कुछ ठीक नहीं है। बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने 'भीड़ के हिंसा' पर कहा, सेना अब कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख करेगी। संगठित भीड़ के नाम पर अराजकता या हिंसा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।