बांग्लादेश के बंदरबन जिले के बीहड़ इलाकों में दो जातीय संगठनों के बीच हिंसक झड़पों में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह घटना देश के दक्षिण-पूर्वी बंदरबन जिले के रोवांगछारी उपजिला में गुरुवार रात को हुई, जो उग्रवाद का केंद्र है।
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, बंदरबन के रोवांगछारी उपजिला (उप-जिला) के एक दूरदराज इलाके में गुरुवार देर रात झड़पें और गोलीबारी देखी गई। वहीं, पुलिस अधिकारी अब्दुल मन्नान ने बताया, हमने घटनास्थल से आठ शव बरामद किए हैं। मन्नान ने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के लिए शुक्रवार को उपजिला मुख्यालय लाया गया।
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पुलिस ने बताया कि संघर्ष के बाद करीब दो सौ लोगों ने अपने घरों को छोड़ दिया और रोवांगछारी में सेना के शिविर में शरण ली। उन्होंने कहा कि झड़प के कारणों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, पुलिस को संदेह है कि इस घटना में कुकी चिन फ्रंट (केएनएफ) नामक नवगठित संगठन के सदस्य शामिल थे, जो यूनाइटेड पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूपीडीएफ) से अलग हुआ गुट है।
सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि केएनएफ एक सशस्त्र समूह के रूप में उभरा है, जिसमें ज्यादातर बोम जातीय समुदाय का वर्चस्व है और उसने कथित तौर पर पहाड़ियों में एक इस्लामी आतंकवादी समूह के साथ गठबंधन किया है। वे मांग कर रहे हैं कि तीन पहाड़ी जिलों में से दो के कई उप-जिलों के साथ एक अलग राज्य का गठन किया जाए। उन्होंने कहा, केएनएफ की आतंकवादी गतिविधियों ने वहां के निवासियों को अपना घर छोड़ने और अस्थायी शरण के लिए हमारे (सेना) शिविर में आने के लिए मजबूर किया।
बांग्लादेश सेना के बंदरबन जोन के एक अधिकारी कैप्टन फहीम ने पत्रकारों को बताया, हमने उन्हें आश्रय दिया है और नागरिक प्रशासन की मदद से उनके भोजन की व्यवस्था की है।"