फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांग्लादेश: जातीय संगठनों के बीच झड़प और गोलीबारी; आठ लोगों की मौत, कई घायल

Fri, 07 Apr 2023 10:07 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, बंदरबन के रोवांगछारी उपजिला (उप-जिला) के एक दूरदराज इलाके में गुरुवार देर रात झड़पें और गोलीबारी देखी गई।
विज्ञापन
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेश के बंदरबन जिले के बीहड़ इलाकों में दो जातीय संगठनों के बीच हिंसक झड़पों में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह घटना देश के दक्षिण-पूर्वी बंदरबन जिले के रोवांगछारी उपजिला में गुरुवार रात को हुई, जो उग्रवाद का केंद्र है।

विज्ञापन


सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, बंदरबन के रोवांगछारी उपजिला (उप-जिला) के एक दूरदराज इलाके में गुरुवार देर रात झड़पें और गोलीबारी देखी गई। वहीं, पुलिस अधिकारी अब्दुल मन्नान ने बताया, हमने घटनास्थल से आठ शव बरामद किए हैं। मन्नान ने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के लिए शुक्रवार को उपजिला मुख्यालय लाया गया।

यह भी पढ़ें: बांग्लादेश के सबसे बड़े कपड़ा बाजार में आग: कई दुकानें हुईं खाक, आर्मी और एयरफोर्स ने संभाली कमान
विज्ञापन


पुलिस ने बताया कि संघर्ष के बाद करीब दो सौ लोगों ने अपने घरों को छोड़ दिया और रोवांगछारी में सेना के शिविर में शरण ली। उन्होंने कहा कि झड़प के कारणों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, पुलिस को संदेह है कि इस घटना में कुकी चिन फ्रंट (केएनएफ) नामक नवगठित संगठन के सदस्य शामिल थे, जो यूनाइटेड पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूपीडीएफ) से अलग हुआ गुट है।

सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि केएनएफ एक सशस्त्र समूह के रूप में उभरा है, जिसमें ज्यादातर बोम जातीय समुदाय का वर्चस्व है और उसने कथित तौर पर पहाड़ियों में एक इस्लामी आतंकवादी समूह के साथ गठबंधन किया है। वे मांग कर रहे हैं कि तीन पहाड़ी जिलों में से दो के कई उप-जिलों के साथ एक अलग राज्य का गठन किया जाए। उन्होंने कहा, केएनएफ की आतंकवादी गतिविधियों ने वहां के निवासियों को अपना घर छोड़ने और अस्थायी शरण के लिए हमारे (सेना) शिविर में आने के लिए मजबूर किया।
विज्ञापन


बांग्लादेश सेना के बंदरबन जोन के एक अधिकारी कैप्टन फहीम ने पत्रकारों को बताया, हमने उन्हें आश्रय दिया है और नागरिक प्रशासन की मदद से उनके भोजन की व्यवस्था की है।"

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें