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वुहान में कई दिशानिर्देशों के साथ फिर खुले शैक्षणिक संस्थान, सात महीने बाद छात्र पहुंचे स्कूल

Thu, 03 Sep 2020 07:04 PM IST
Rajeev Rai वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वुहान
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Facebook/NEWS.CN
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कोरोना महामारी का केंद्र रहे चीन के वुहान शहर में अब चीजें फिर से पटरी पर लौटने लगी हैं। यहां कई महीने बाद बच्चे स्कूलों में पहुंचने लगे हैं। हालांकि अभी भी बच्चों के माता-पिता कोविड-19 के खतरे को लेकर चिंतित हैं। इस चीनी शहर में सात महीने बाद जब स्कूल के पहले दिन छात्र-छात्राएं पहुंचे तब सभी के आंखों में आंसू और उत्साह दोनों थे। लेकिन अभिभावकों और शिक्षकों की चिंता भी साफ नजर आ रही थी। 

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चीन के इस शहर में मंगलवार को 2800 शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद यहां जनवरी के बाद पहली बार करीब 14 लाख छात्र अपने संस्थानों में वापस लौटे। उधर अभिभावक भी स्कूल खुलने के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए भावुक नजर आए।

एक पिता ने बताया कि स्कूल खुलने के बाद अब वो राहत महसूस कर रहे, वरना उन्हें लग रहा था कि उन्होंने बच्चों को कैदखाने में बंद कर रखा है। वहीं दूसरे पिता ने बताया कि घर पर बच्चों की पढ़ाई उतनी अच्छी नहीं हो पा रही थी, जितनी स्कूलों में होती है। बच्चों का आधा साल बर्बाद हो गया है और उनकी पढ़ाई ढंग से नहीं हो पाई। एक बच्चे की मां ने कहा, 'भले ही महामारी खत्म हो गई है लेकिन हम इसे हल्के में नहीं ले सकते हैं, हमें अभी भी सावधानी बरतनी होगी।
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यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भले ही शैक्षणिक संस्थानों को खोलने की अनुमति दे दी गई है लेकिन अभी भी सभी तरह की सावधानियां बरती जा रही हैं। प्रशासन के मुताबिक, बच्चों का रोजाना तापमान जांचना है। अभिभावकों से सार्वजनिक परिवहन का कम इस्तेमाल करने को कहा गया है। बसें आधी भरकर चल रही हैं।

स्कूलों के अलावा विश्वविद्यालयों को भी खोला जा रहा है और उनके लिए भी कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जैसे सभी को अपना कोरोना टेस्ट करवाना होगा, बाहर से आने वालों को गेस्ट हाउस में 14 दिन के लिए क्वारंटीन होना होगा।

चीन के अधिकारियों के मुताबिक, वुहान में कोरोना महामारी की वजह से करीब 3,869 लोगों की मौत हुई है, जो देश के कुल मौतों का 80 प्रतिशत है। हालांकि मई के बाद से यहां एक भी संक्रमण का मामला सामने नहीं आया है।

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