इंग्लैंड में विपक्ष ने कंजर्वेटिव पार्टी को मिल रहे दान पर रोक लगाने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि फंडिंग की पहले जांच कराई जाए। बता दें, इंग्लैंड में जिस दान पर बवाल मचा है, वह दानदाता भारतीय मूल का व्यापारी है। दानदाता के खिलाफ भारत में ईडी जांच कर रही है।
विपक्षी सांसद ने लगाया आरोप
इंग्लैंड की सांसद और लेबर पार्टी की वरिष्ठ नेता मार्गरेट हॉज ने एक ब्रिटिश अखबार को बताया कि टोरीज को हो रहे अपने फंडों की जांच करना चाहिए कि उन्हें कहां से फंडिंग हो रही है। उन्हें स्रोतों का पता लगाना चाहिए। जबतक जांच नहीं हो जाती तबतक के लिए उन्हें अपने फंडों को रोक देना चाहिए। उन्होंने सरकार की पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि टोरी प्रमुख दानदाताओं पर ही निर्भर रहती है। इसलिए वह जांच नहीं कर रहे। लेकिन अब नए कानूनों के बाद उन्हें जांच के लिए मजबूर किया जाना चाहिए।
अमीरा जी फूड्स के बारे में विस्तार से जानिए
कंजर्वेटिव पार्टी को फंड कर रहे दानदाता वैश्विक चावल ब्रांड अमीरा के प्रमुख करण चानना हैं। चनाना पर आरोप है कि उन्होंने बैंक लोन को शेल कंपनियों में बदल दिया है। कहा जाता है कि चनाना ने अपनी ब्रिटिश कंपनी अमीरा जी फूड्स के माध्यम से सितंबर 2019 से अब तक कंजर्वेटिव पार्टी को 220,000 ब्रिटिश पाउंड के आसपास दान दिया है। दो मई को ईडी ने भारत में चनाना के अमीरा प्योर फूड्स कंपनी सहित कुल 21 ठिकानों पर छापा मारकर तलाशी अभियान चलाया था। अधिकारियों का कहना है कि मामले में चार्जशीट दायर करना बाकी है क्योंकि अभी पूछताछ की जा रही है। अमीरा फूड्स ने अवैध रूप से वास्तविक व्यापार की आड़ में कई शेल कंपनियों को लोन की राशि ट्रांसफर कर दी है। कहा जा रहा है कि जो व्यक्ति भारत में अपने लोन नहीं चुका पाता था, वह इंग्लैंड की कंजर्वेटिव पार्टी को दान दे रहा है।
दुबई में था मुख्यालय
बता दें, अक्टूबर 2012 में अमीरा नेचर फूड्स न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुई थी। अमीरा फूड्स हिमालय की तलहटी में उगाए जाने वाले बासमती चावल का व्यापार करता था। कंपनी के अध्यक्ष चनाना ने दुबई में गोल्ड टॉवर में अपना मुख्यालय में स्थापित किया था। अमीरा प्योर फूड्स भारत में अमीरा जी फूड्स की सहायक कंपनी है, जिसके खिलाफ भारत में जांच हो रही है। साल 2020 के नवंबर में केनरा बैंक की शिकायतों के बाद सीबीआई ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था।