दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने शनिवार को अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली। उन्हें इस साल की शुरुआत में चार साल के कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया था। नोबोआ ने उप राष्ट्रपति मारिया जोस पिंटो के साथ शपथ ली। उनका कार्यकाल मई 2029 तक रहेगा।
राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ
- फोटो : एक्स/डैनियल नोबोआ
शपथ लेने के बाद अपने संबोधन में क्या बोले राष्ट्रपति नोबोआ
शपथ ग्रहण के बाद अपने संबोधन में राष्ट्रपति नोबोआ (37 वर्षीय) ने वादा किया कि वह भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी और हिंसक अपराधों से निपटना जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह सुधारों को लागू करेंगे और निजी क्षेत्र के सहयोग से रोजगार और निवेश के लिए ठोस आधार बनाएंगे। नोबोआ इक्वाडोर में बढ़ती हिंसा और सशस्त्र गिरोहों से लड़ने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, हम चार साल की प्रगति के दरवाजे पर खड़े हैं। राजधानी क्विटो में हुए समारोह में अमेरिका के स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट कैनेडी, कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो, पेरू की राष्ट्रपति दीना बोलुआर्ते और कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
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डैनियल नोबोआ के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद गणमान्य लोग।
- फोटो : एक्स/डैनियल नोबोआ
35 साल की उम्र में पली बार बने थे राष्ट्रपति
नोबोआ पहली बार नवंबर 2023 में 35 साल की उम्र में राष्ट्रपति बने थे, जब उनके पास ज्यादा राजनीतिक अनुभव नहीं था। उन्होंने अचानक चुनाव में हिस्सा लिया और पूर्व राष्ट्रपति गिलेरमो लासो का अधूरा कार्यकाल पूरा करने के लिए चुने गए, जिन्होंने महाभियोग से बचने के लिए संसद भंग कर इस्तीफा दे दिया था।
इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ
- फोटो : एक्स/डैनियल नोबोआ
दूसरे दौर के मतदान में वामपंथी उम्मीदवार लुइसा गोंजालेज को हराया
नोबोआ को 13 अप्रैल 2024 को हुए दूसरे दौर के मतदान में वामपंथी उम्मीदवार लुइसा गोंजालेज के खिलाफ फिर से चुना गया था। गोंजालेज और उनकी पार्टी सिटिजन रिवॉल्यूशन (जिसका नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरेया करते हैं) ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप इक्वाडोर के चुनाव आयोग और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने खारिज कर दिए थे। इसी कारण उनकी पार्टी ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया।
राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद डैनियल नोबोआ
- फोटो : एक्स/डैनियल नोबोआ
नोबोआ के सामने हिंसा और बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौती
नोबोआ के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हिंसा और बेरोजगारी हैं। उनकी पार्टी नेशनल डेमोक्रेटिक एक्शन ने राजनीतिक गठबंधनों के जरिए संसद में बहुमत तो पाया है, लेकिन ये बहुमत नाजुक है। एक स्थानीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जुआन फ्रांसिस्को कामिनो ने कहा, अगर उनके किसी एक सहयोगी ने भी साथ छोड़ दिया, तो उनकी योजनाएं रुक सकती हैं।' कामिनो ने यह भी कहा कि नोबोआ का अपराध के खिलाफ सख्त रुख उन्हें जनता के बीच वैधता दिलाता है और वे इसी रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति को सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी ध्यान देना होगा।
शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद लोग।
- फोटो : एक्स/डैनियल नोबोआ
इक्वाडोर में हिंसक घटनाओं में मारे गए 8,000 लोग
इक्वाडोर अब दक्षिण अमेरिका के सबसे खतरनाक देशों में गिना जाने लगा है। 2024 के अंत तक वहां करीब 8,000 लोग हिंसक घटनाओं में मारे गए और 2025 में अपराध बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अपराध को रोकने के लिए उसकी जड़ तक जाना जरूरी है। जैसे कि नौकरी की कमी, जो युवाओं को अपराध की ओर धकेलती है। 2023 के अंत तक, इक्वाडोर में केवल 33 फीसदी लोगों के पास ही स्थायी नौकरी थी, बाकी लोग छोटे-मोटे या अस्थायी कामों से गुजर-बसर कर रहे थे।