अपराध से थक चुके इक्वाडोर के मतदाताओं ने रविवार को राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ को फिर से विजयी बना दिया है। उनके प्रतिद्वंद्वियों ने इसे चुनावी धोखाधड़ी बताते हुए पुनर्मतगणना की मांग की है। राष्ट्रीय चुनाव परिषद के आंकड़ों के मुताबिक, 90 फीसदी से अधिक मतों की गिनती के बाद नोबोआ को 55.8% मत मिले, जबकि लुइसा गोंजालेज को 44% मत मिले हैं।
इक्वाडोर ने डेनियल नोबोआ को दोबारा राष्ट्रपति चुन लिया है। रूढ़िवादी करोड़पति का अपराध के खिलाफ जंग छेड़ने का रिकॉर्ड बेमिसाल रहा है। कानून व्यवस्था को लेकर उनके बेबाक फैसले की वजह से इक्वाडोर ने उन्हें सर्वोच्च पद के लिए एक बार फिर से चुना है। कट्टर दक्षिणपंथी राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ को करीब 15 उम्मीदवार टक्कर दे रहे थे। 37 साल के अरबपति नोबोआ केले के व्यापारी के हैं। वह करीब 15 महीने पहले ही सत्ता में आए थे। उनका सबसे करीबी मुकाबला वामपंथी सांसद लुइसा गोंजालेज से था। वह पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरेया की 47 वर्षीय शागिर्द हैं।
पहले चरण का मतदान 9 फरवरी को कराया गया था। इस दौरान किसी भी उम्मीदार को 50 फीसदी वोट नहीं मिले थे। वहां के कानून के मुताबिक, अगर किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत वोट न मिलें हैं या उसे निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 10 अंकों की बढ़त के साथ 40 प्रतिशत वोट न मिल सकें तो दूसरे दौर का मतदान कराना अनिवार्य होता है। इसी वजह से यहां 13 अप्रैल को फिर से मतदान कराया गया।
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दक्षिण अमेरिकी देश में दो साल से भी कम समय में यह दूसरा राष्ट्रपति चुनाव था। नोबोआ ने मतदाताओं से जबरन वसूली, हत्या, अपहरण और अन्य अपराधों को जड़ से खत्म करने का वादा किया था। अपराध देश के महामारी से उभरने के बाद आम हो गए हैं। यहां के लोग 2021 में हुई हिंसा के बाद से चिंतित हैं। उस हिंसा ने देश को बदलकर रख दिया था और पड़ोसी कोलंबिया और पेरू में बन रही कोकीन की तस्करी से जुड़े अपराध में बढ़ोतरी देखी जाने लगी थी। इक्वाडोरवासियों ने वामपंथी वकील लुइसा गोंजालेज के मुकाबले एक बार फिर नोबोआ पर भरोसा जताया।
2023 में अचानक कराने पड़े थे चुनाव
इससे पहले अक्तूबर 2023 में हुए अचानक चुनाव के दूसरे चरण में मतदाताओं ने भी गोंजालेज के मुकाबले नोबोआ को चुना था। पहले दौर के चुनाव में सबसे अधिक वोट पाने के बाद अक्तूबर में नोबोआ को 44.17% वोट मिले, जबकि गोंजालेज को 44% वोट मिले थे। 2023 में नोबोआ और गोंजालेज अपनी-अपनी सियासी पारी शुरू कर रहे थे। वे पहली बार राष्ट्रपति पद की दौड़ में थे। मई 2023 में वे पहली बार तब सांसद बने थे, जब तत्कालीन राष्ट्रपति गिलर्मो लास्सो ने नेशनल असेंबली को भंग कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने अपना जनादेश खो दिया और देश में अचानक चुनाव कराने पड़े।
मतदान न करने पर 46 डॉलर का जुर्माना
इक्वाडोर में 1.3 करोड़ से अधिक लोग मतदान के पात्र हैं। मतदान 65 वर्ष की आयु तक के वयस्कों के लिए अनिवार्य है। इसके इतर मतदान 16-17 वर्ष की आयु और 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए वैकल्पिक है। मतदान न करने पर 46 डॉलर का जुर्माना लगाया जाता है।