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Earthquake: तिब्बत के शिजांग में फिर आया भूकंप, इस बार 4.6 रही तीव्रता

Fri, 07 Apr 2023 01:22 AM IST
वीरेंद्र शर्मा एएनआई, शिजांग

सार

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, गुरुवार को दक्षिणी तिब्बत के शिजांग क्षेत्र में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया।
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Earthquake - फोटो : ANI
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विस्तार
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दक्षिणी तिब्बत के शिजांग क्षेत्र में पिछले चार दिनों में दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक, भूकंप के झटके गुरुवार रात करीब साढे ग्यारह बजे महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है। भूकंप का केंद्र 30 किमी की गहराई के साथ 34.70 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 82.01 डिग्री पूर्वी देशांतर पर निर्धारित किया गया।अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल किसी नुकसान का पता नहीं चला है। 
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चार दिन पहले भी आया भूकंप 
तिब्बत के शिजांग क्षेत्र में पिछले चार दिनों में दूसरी बार भूकंप आया है। तीन अप्रैल को रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई है। भूकंप का केंद्र 10 किमी की गहराई के साथ 33.54 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 84.41 डिग्री पूर्वी देशांतर पर निर्धारित किया गया।

कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
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भूकंप की तीव्रता 
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।

लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।
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