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G7 Summit: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मार्को रूबियो से की मुलाकात, पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा

Fri, 27 Mar 2026 09:37 PM IST
Rahul Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
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मार्को रूबियो और एस जयशंकर - फोटो : पीटीआई
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विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने शुक्रवार को फ्रांस के सेर्ने-ला-विले में जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ बातचीत की। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में कहा, शुक्रवार सुबह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ उपयोगी बातचीत हुई।

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पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा 
अमेरिकी राज्य विभाग के अनुसार, रूबियो साझी सुरक्षा चिंताओं और सहयोग के अवसरों पर चर्चा करने के लिए साझेदार देशों के विदेश मंत्रियों से मिलने वाले हैं। उनके दौरे से पहले, राज्य विभाग ने कहा कि चर्चा के मुख्य विषयों में रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति और विश्व शांति और स्थिरता के लिए खतरे शामिल होंगे।

फ्रांस पहुंचने से पहले रूबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, “विश्व नेताओं से दुनिया भर में साझा सुरक्षा चिंताओं और मध्य पूर्व तथा रूस-यूक्रेन युद्ध की स्थिति को संबोधित करने के अवसरों पर चर्चा करने के लिए जी-7 विदेश मंत्री बैठक में शामिल होने फ्रांस जा रहा हूं।” इससे पहले दिन में ईएएम जयशंकर ने जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेते हुए वैश्विक आर्थिक सुरक्षा के लिए नौवहन की स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया।
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जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में कहा, “आज जी7 विदेश मंत्रियों के सत्र में क्रॉस-कटिंग खतरों और संप्रभुता पर बहस की। वैश्विक आर्थिक सुरक्षा के लिए नौवहन की स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही नार्को-आतंकवाद के कनेक्शन के खतरे को भी उजागर किया। महत्वपूर्ण खनिजों पर, इसके मूल्य श्रृंखला में सहयोग बढ़ाने के लिए जारी कदमों की सराहना की।”

इटली के उप प्रधानमंत्री से भी मिले
उन्होंने इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी के साथ भी संक्षिप्त मुलाकात की।गुरुवार को जयशंकर ने आमंत्रित भागीदारों के साथ जी-7 विदेश मंत्रियों के दूसरे सत्र में आईएमईसी पर अपने विचार साझा किए। अपने भाषण में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधार की तत्काल आवश्यकता, शांति-स्थापन संचालन को सरल बनाने और मानवीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के ऊर्जा, उर्वरक आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा संबंधी चिंताओं को उठाया।
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इनपुट: आईएएनएस

 

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